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फ्लुओरेसिन क्या है? फ्लुओरेसिन का उपयोग जानिए

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दोस्तो अपने कभी फ्लुओरेसिन के बारे में सुना है ? तो आज के लेख में हम आपको फ्लुओरेसिन क्या है ? फ्लुओरेसिन के उपयोग और फ्लुओरेसिन के साइड इफ़ेक्ट के बारे में जानकारी देने वाले है।

आज का फ्लुओरेसिन का लेख पढ़ने के बाद जरूर से आपको ज्ञान में आवश्यक बढ़ोतरी होगी। तो हमारे साथ पढ़ते रहियेगा।

फ्लुओरेसिन क्या है?

फ्लुओरेसिन ,हरी पीली रोशनी वाली नारंगी डाई है , जिसका उपयोग इंडिकेटर या ट्रैसर के रूप में किया जाता है।

फ्लुओरेसिन का उपयोग

  • फ्लुओरेसिन का उपयोग आंखों की कई समस्याओं के निदान में मदद करने के लिए किया जाता है। फ्लुओरेसिन को एक बूंद के रूप में या आंख की सतह पर एक कागज की पट्टीके रूप में लागू किया जाता है। इसका उपयोग आँख की इन्जरी जैसे कॉर्निया के घर्षण का पता लगाने के लिए किया जाता था है।
  • फ्लुओरेसिन एंजियोग्राफी एक चिकित्सा पद्धति है,जिसमे फलोरो सेंट डाई को रक्त प्रवाह में इंजेक्शन की मदद से प्रवाहित किया जाता है। डाई रक्तवाहिकाओं को आंख के पिछले हिस्से में उजागर करती है ताकि इनकी तस्वीरे खींची जा सके।
  • इस परीक्षण का उपयोग अक्सर नेत्र विकारों की जांच के लिए किया जाता है।
  • फ्लुओरेसिन एक फ्लोरोफॉर है जिसे माइक्रोस्कोपी में डाई लेसर के रूप में प्रयोग किया जाता हैं।फोरेंसिक और सेरोलॉजी में अव्यक्त रक्त के धब्बे का पता लगाने के लिए फलुओरेसिन का उपयोग किया जाता है।
  • **यह विश्व स्वास्थ्य संगठन की आवश्यक दवाओं की सूची में है।
  • फ्लुओरेसिन एक कार्बनिक कंपाउंड है। फ्लुओरेसिन का सिंथेटिक कलर एजेंट के रूप में व्यापक पैमाने पर उपयोग होता है। ये जिंक उत्प्रेरक के ऊपर phthalic anhydride और resorcinol को गर्म करके तैयार किया जाता हैं,और यह एक गहरे लाल रंग के पावडर के रूप में क्रिस्टलीकृत होता है।

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फ्लुओरेसिन के अन्य उपयोग

  • सेल्युलर जीव विज्ञान में फलुओरेसिन के आइसोथियोसाईनेट व्युत्पन्न का उपयोग अक्सर प्रतिदीप्त माइक्रोस्कोपी अनुप्रयोगों में कोशिकाओं को ट्रैक करने के लिए और लेबलिंग करने के लिए किया जाता है।(उदाहरण के लिए फ्लो साइटोमैट्री)।
  • अतिरिक्त बायोलोजीकली एक्टिव अणुओं(जैसे एंटीबॉडी) को भी फ्लुओरेसिन से जोड़ा जा सकता है जिससे जीव विज्ञानी कोशिकाओं के भीतर विशिष्ट प्रोटीन या संरचनाओं के फ्लोरेफोरो को लक्षित कर सकते है। ये एपलीकेशन यीस्ट को डिस्प्ले करने के उपयोग में सामान्य है।
  • फलुओरेसिन को न्यूक्लियोसाइड ट्राई फॉस्फेट के साथ संयुग्मित भी किया जा सकता है और SITU संकरण में एंजाइमेटिक रूप में जांच के लिए शामिल किया जा सकता है।
  • फलुओरेसिन एमिडाइट का उपयोग,एक ही उद्देश्य के लिए लेबल किये गए ऑलिगोन्यूक्लियोटाइड को संश्लेषित करने की अनुमति देता है। एक और टेकनिक जिसे मॉलिक्यूलर बीकन कहा जाता हैं ,सिंथेटिक फ्लुओरेसिन लेबल्ड ऑलिगोन्यूक्लियोटाइड का उपयोग करता है।
  • फलुओरेसिन लेबल्ड प्रोब का उपयोग एंटीबोडी को टारगेट करने के लिए इम्युनोहिस्टोकेमिस्ट्री में किया जाता है । digoxigenin का एक सामान्य विकल्प है। एक ही सैंपल में एक साथ दो जीन्स को लेबल करने के लिए दोनों का उपयोग किया जाता है।

फ्लुओरेसिन ड्रॉप्स का उपयोग कैसे करते हैं?

कॉर्निया का फ्लुओरेसिन स्टाइनिंग करने के लिए ,पहले जीवाणुरहित सेलाइन की बूंद जीवाणुरहित फ्लुओरेसिन कि पट्टी पर रखा जाता है। फिर फ्लुओरेसिन को ,निचले ढक्कन को खींचकर ,आँख की हल्की गुणवत्ता वाले भाग पर कंजंक्टिवा को छूकर रखा जाता है। यह एक परीक्षण है ,जो फ्लुओरेसिन और ब्लू लाइट का उपयोग आँख में फॉरेन बॉडीज का पता लगाने के लिए किया जाता है। यह परीक्षण कोर्निया को नुकसान का पता भी लगा सकता है जो कि आंख की बाहरी सतह पर है।

आंखों के कुछ हिस्सों(जैसे रेटिना ,आइरिस)को नेत्र चिकित्सा प्रक्रियाओ के दौरान अधिक दिखाई देने में मदद करने के लिए फलुओरेसिन इंजेक्शन का उपयोग किया जाता है।

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फ्लुओरेसिन के साइड इफेक्ट्स

 डायग्नोस्टिक(diagnostic) उदेश्यों के लिए दवाओं में कई सालों से किया गया है । और ज्यादातर सेफ माना गया है। फिर भी नस में इंजेक्शन देने से कभी कभी गंभीर प्रतिकूल प्रतिक्रिया हो सकती है।

यह दवा केवल अपने डॉक्टर की देखरेख में या उसके द्वारा दी जानी है।

  • बाल चिकित्सा –  आज तक किए गए उचित अध्ययनों में बच्चों की  समस्याओं का प्रदर्शन नही किया है जो बच्चों को फलुओरेसिन के इंजेक्शन देने में मर्यादा दिखाता है।
  • वृद्धावस्था – आज तक जो अध्ययन किया गये है उसमें वृध्दावस्था की समस्याओं को खुलके नही दिखाया है जो बुजुर्गो में फलुओरेसिन के इंजेक्शन के उपयोग को सीमित करता है।
  • स्तनपान – स्तानपन के दौरान इस दवा का उपयोग करने से शिशु जोखिम पर खास अध्ययन नही किया गया है इसीलिए स्तानपन के दौरान इस दवा के उपयोग के पहले संभावित जोखिमों पर ध्यान देना चाहिए।
  •  खाने के समय या उसके आसपास ये दवा का उपयोग नही करना चाहिए क्योंकि। प्रतिक्रिया हो सकती है।कुछ दवा के साथ या तंबाकू ,अल्कोहल के साथ भी प्रतिक्रिया हो सकती है।
  • अन्य दवाओं के साथ – कुछ दवाओं को साथ मे नही ले सकते हैं इस मामले में डॉक्टर की राय लेनी आवश्यक है कुछ प्रतिक्रिया ना हो इसीलिए सावधानी बरतनी चाहिए।
  • अन्य चिकित्सा  समस्याओं की उपस्थिति, इस  दवा के उपयोग को प्रभावित कर सकती हैं। अस्थमा , भोजन, डाई या दवा की एलर्जी का इतिहास जोखिम को बढ़ावा दे सकते हैं
  • यह दवा आपकी नस में रखी हुई सुई से दी जाती हैं। आपको यह दवा नर्स या अन्य प्रशिक्षित स्वास्थ्य  पेशेवर द्वारा दी जानी चाहिए। दवा अच्छे से काम कर रही है कि नही इसकी बारीकी से जांच करनी चाहिए।
  • इस दवा ,एनाफिलेक्सिस नामक गंभीर एलर्जी का कारण हो सकती है ।इस रिएक्शन के अन्य लक्षण , बहुत तेज या अनियमित श्वास, सांस के लिए हांफना, या बेहोशी , चेहरे की त्वचा के रंग में बदलाव, बहुत तेज लेकिन अनियमित दिल की धड़कन या नाड़ी, त्वचा पर छत्ते की तरह सूजन और पलकें या पलकें या आंखों के आसपास सूजन हो सकती हैं।  यदि ये दुष्प्रभाव होते हैं, तो एक बार में आपातकालीन सहाय लेनी चाहिए।
  • इसके अलावा, नीला रंग , ठंडी रूखी त्वचा , भ्रम की स्थिति , खांसी , सांस लेने मे तकलीफ , निगलने में कठिनाई , सिर चकराना , तेजी से दिल धड़कना , पित्ती, खुजली, या त्वचा लाल चकत्ते ,चक्कर , शोर-शराबा , दर्द, लालिमा, सूजन, या त्वचा का छिल जाना , पलकों की सूजन या सूजन आंखों, चेहरे, होंठ, या जीभ के आसपास , बांह में तेज दर्द , पसीना आना , सीने में जकड़न , बेहोशी की हालत
  • असामान्य थकान या कमजोरी जैसे
  • कुछ दुष्प्रभाव हो सकते हैं जिन्हें आमतौर पर चिकित्सा की आवश्यकता नही होती है।
  • अगर इंजेक्शन के दौरान फ्लुओरेसिन डाई का Extravasation (vessels की आसपास की टिश्यू में जाना )होता है तो एंजियोग्राफी में सीरियस प्रोब्लम हो सकती है। PH के कारण काफी दर्दनाक भी होता है।

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निष्कर्ष :

दोस्तो , हमें आशा है कि आपको हमारा लेख पढ़ने के पश्चात फ्लुओरेसिन क्या है ? और फ्लुओरेसिन के उपयोग जैसे विषयों पर ज्ञानवर्धक जानकारी मिल चुकी हॉगी।

आपको यह फ्लुओरेसिन वाला लेख पसंद आया हो तो जरूर से अपने दोस्तो , रिस्तेदारो को शेयर करे। हमें इससे प्रोत्साहन मिलता है ।

दोस्तो ऐसे ही ज्ञान से भरे लेख पढ़ने आते रहियेगा। हमारी साइट पर आने के लिए धन्यवाद।

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