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IP Address क्या है ? 【कैसे पता करे , Fullform】सरल जानकारी

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what is IP Address in Hindi

इंटरनेट की दुनिया में आपके सामने कई बार IP Address शब्द दिखा ही होगा। क्या आप जानते हो को ये IP Address क्या होता है ? बड़ा ही फेमस शब्द है।  आप भी इस शब्द से अनजान हो तो ये पोस्ट आपके लिए ही है।

इस लेख को पूरा पढ़िए , आप IP Address इन हिंदी में Fullform of IP Address , Meaning , Types ,router meaning in hindi और आप अपना ip address कैसे देख सकते है । जैसे सभी प्रकार के सवाल के जवाब आपको इस लेख में मिल जायेंगे। हमें आशा है की आपको पढ़ने में आनंद का अनुभव होगा। तो चलिए शुरु करते है।

एड्रेस क्या होता है ? Address meaning in hindi 

internat की दुनिया मे एड्रेस के दो प्रकार किये गए है
1.physical address
2. logical address

1.physical address (फिजिकल एड्रेस) क्या है ?

फिजिकल एड्रेस एक अधूरा एड्रेस है जैसेकी में आपको एक उदाहरण देता हो कि आपको आपके दादा के घर जाना है और आपको सिर्फ यही पता है के वो दिल्ली में है और ये बात आप किसीको को पूछेंगे की मेरे दादाजी का घर दिल्ली में किधर है तो वो आपको पागल समझेगा ।
“MAC address “physical address का एक प्रकार है ।mac address 48 बिट का होता है ।

2. logical address (लॉजिकल अड्र्सस) क्या है ?

लॉजिकल एड्रेस एक वस्तु की पूरी जानकारी देती है ।
जैसे कि कोई स्कूल में कोई स्टूडेंट की जानकारी चाइये तो उसके रोल नंबर की मदद से मिल जाएगी ।
“IP Address” एक logical address का प्रकार है।

IP Address क्या है ?

IP Address का फुलफॉर्म internate protocol address (इंटेरनेट प्रोटोकॉल एड्रेस) है। 

ip address एक ऐडा address है जो आपके डिवाइस जैसेकी मोबाइल फ़ोन या कंप्यूटर तो इंटेरनेट से जोड़ने में मदद करता है ।

ISP (internat service provider) यानी कि इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर जो हमे इंटेरनेट प्रोवाइड करता है उसे एक address की जरूरत पड़ती है जिसकी मदद से हमे इंटेरनेट  से माहिती मिलती है ।isp को ये माहिती देने के लिए आपके मोबाइल फ़ोन या कंप्यूटर जैसे डिवाइस के internate protocol address चिहिये जिसकी मदद से वो माहिती सीधे हमारे पास ही पहुचे ।

internate protocol address की मदद से हमारी कुछ जानकारी जैसे हमारी location मिल जाती है ।
सभी कंप्यूटर और मोबाइल फोन का ip address अलग होता है ।

IP Address के संस्करण क्या होते है ? (IP Address Versions in Hindi)

internate protocol address के 2 version है ।

  1. IPV4 (इंटरनेट प्रोटोकॉल वर्शन 4)
  2. IPV6 (इंटेरनेट प्रोटोकॉल वर्शन 6)

 

IPV4 क्या है ?

  • IPv4 यानी कि internat protocol version(संस्करण) 4 ।
  • ipv4 में ip address 32 बिट का होता है ।
  • ipv4 का ip address 4 octed (ऑक्टेड) से बनता है ।
  • जैसे कि में यह एक ip address लिखता हूं – 192.168.175.200 ये 4 भाग इसके 4 ऑक्टेड होते है ओर हर एक भाग में
    0-255 तक के अंक लिखे जाते है  और ऐसे 4 भाग से  एक ip address बनता है । इस तरह से ये कुल मिलाके 32 बिट होता है ।
  • ipv4 ip address के दो भाग होते है । IP Address =network part +host part
  • उदहरण के दौर पर एक ip address लिखे तो 135.197.164.55

Network part(नेटवर्क पार्ट) : यानी कि नेटवर्क के द्वारा हमे दिया जाने वाला यूनीक नंबर  हैम ऊपर का ip address देखे तो उसमें ” 135.197 ” है वो नेटवर्क पार्ट होता है ।

Host part (होस्ट पार्ट) : ipv4 दरेक host यानी कि उपयोगकर्ता के डिवाइस को एक यूनीक host id देता है ।
जैसे कि कोई नेटवर्क है तो जिसमे दो होस्ट है तो उन दोनों के network id एक जैसे होते है लेकिन host id अलग होती है । है ऊपर दिए गए ip को देखे तो उसमें “164.55” ये host id कहा जाता है।

Ipv4 को 5 class(क्लास) में लिखी जाती है ।

  1. CLASS A
  2. CLASS B
  3. CLASS C
  4. CLASS D
  5. CLASS E

CLASS A(क्लास A) : इसका internate protocol address
1.0.0.0 – 126.0.0.0  के बीच मे आता है ।
इसमे पहला ऑक्टेड नेटवर्क id है और बकीके 3 host ईद है ।

CLASS B : इसका internate protocol address
128.0.0.0 – 192.255.0.0 के बीच मे होता है ।
इसमे पहले 2 network id है और बकीके 2 host id है ।

CLASS C : इसका internate protocol address
192.0.0.0 – 223.255.255.0 के बीच मे होती है ।
इसमे पहले 3 network id है और बाकी बचा 1 host id है ।

CLASS D : इसका internate protocol address
224 – 239 के बीच मे होता है ।

CLASS E :इसका internate protocol address
240 – 255 के बीच मे होता है ।

हम लोग class a,b ओर c का इस्तेमाल करते है । class d का उपयोग multi task में होता है । class e का उपयोग reserch में होता है ।

IPV6 क्या है ?

  • ipv6 -internet protocol version 6(इंटेरनेट प्रोटोकॉल संस्करण 6)
  • ipv6 भी ipv4 की तरह ही एक ip address है । ipv6 में  कुल 128 बिट होते है । जो कि ipv4 के 4 गुना जितना होता है ।
  • ipv6 को hexadecimal फॉर्मेट में लिखा जाता है ।
  • जैसे जैसे इंटेरनेट का उपयोग बढ़ने लगा तो जो ipv4 का जो यूनिक ip address होता है वो सब के लिए अलग नही कर सकते थे क्योंकि internet उपयोगकर्ता की संख्या बहुत बढ़ गई थी इसके उपाय पर ipv6 की खोज हुई ।
  • ipv6 में इतने ip address है कि सारे उपयोगकर्ता 2 ip address इस्तेमाल करे फिर भी कम नही पड़ेंगे ।
  • ipv6 का एक उदाहरण -2001:0db8:85a3:0000:0000:8a2e:0370:7334

Diffrence between ipv4 and ipv6

ipv4

ipv6

internat protocol version 4

internat protocol version 6

32 bit का होता है 

128 bit का होता है ।

सिर्फ न्यूमेरिक एड्रेसिंग(numaric addressing) होती है 

इसमे आल्फा न्यूमेरिक (alphanumaric) एड्रेसिंग होती है 

बिट्स को डॉट(.) से अलग करते है 

बिट्स को कोलन (:) से  अलग करते है 

उदाहरण :- 174.55.80.123

उदाहरण :- 2001:0db8:85a3:0000:0000:8a2e: 0370:7334 

IP एड्रेस के कितने  प्रकार है ? (Types of IP Address in Hindi)

 

IP Adress के दो प्रकार होते है।

  1. public ip address
  2. private ip address

 

Public ip address क्या है  ?

 

जब ip address को अलग अलग class में डाला तो , IANA (Internet Assigned Number Authority ) जो हमे ip address provide करते है  उसमें से class A ,B , C   के जो ip address है उसको public ip के दौर पे लिया जाता था ।

इन तीनो class मेसे कोई ip address उपयोग करने के लिए  उस संस्था को कुछ फीस देनी पड़ती थी । जिससे वो इंटरनेट से कंननेक्ट हो सके ।

Private ip address क्या है ?

 

कुछ संस्था ऐसी भी थी जिसको इंटेरनेट की जरूरत नही थी वी संस्था को ip address न खरीदने पड़े इस लिए IANA ने CLASS A, B, C के कुछ internate protocol address को private ip address के दौर पे ले लिया जिसके हमे कोई पैसे नही देने पड़ते थे और ऐसे ip address से हम इंटेरनेट से कनेक्ट हो नही सकते थे ।

ऐसे internate protocol address की कुछ रेंज जिसमे
10.0.0.0 – 10.255.255.255
172.16.0.0 – 172.31.255.255
192.168.0.0 – 192.168.255.255

इस रेंज के ip address को private किया गया था जो local host के दौर पे इस्तेमाल होता है ।

 

IP Address कैसे पता करे ? How to track IP Address in hindi

 

How to check ip address in hindi

 

मोबाइल  में ip कैसे देखे ?

  • Step #1: अपने मोबाइल फ़ोन में google में जाके लिखे
  • Step #2: “what is my ip”  ये लिखने के बाद आपका ip address दिख जाएगा ।

कंप्यूटर में ip कैसे देखे ?

  • Step #1: कंप्यूटर के command prompt में जाये।
  • Step #2: “ipconfig”  लिखने के बाद आप अपना ipv4 ओर ipv6 जान सकते है ।

 

आपने अभी तक पढ़ा कि internate protocol address क्या है। और उसकी जानकारी ऊपर बताई है । तो जैसेकि हमने यह पढ़ा कि ipv4 ओर ipv6 क्या है और उसकी जरूरत क्यों पड़ती है । में आपको यही सलाह देना चाहूंगा कि अगर आप कोई जानकारी के लिए या फिर assignment के लिए ये माहिती आपको बहुत सहायता करेंगी ।

Loop back Address क्या है ?

 

अगर हम सारे क्लास में देखे तो कही भी 127.0.0.0 नही है ।मतलब पहले जब कभी कभी देखे की आपका इंटेरनेट चल नही रह तो आप टर्मिनल में जाकर 127.0.0.1 लिखेंगे  तो प्रोसेसिंग के बाद आप जान सकते है । इसलिए ये क्लास में नही इस्तेमाल होता ।

ipv4 के ip address लिखने की सारी संभावना देखे तो ये कुल मिलाके  तकरीबन 4,296,967,296 संभावनाए होती है ।

 



राऊटर (Router) क्या है ? What is router in hindi

 

अक्सर अपने देखा होगा कि कुछ लोग अपने इंटेरनेट राऊटर की मदद से चलाते है तो कभी ऐसा लगता है कि ये इंटेरनेट कहासे आता है और कौन देता है ? ऐसे सवालो के जवाब आपको यही मिलेंगे दोस्तो ।

  • राऊटर एक ऐसा भौतिक साधन है जो 2 या अधिक स्विच को इंटेरनेट के साथ जोड़ने में मदद करता है ।
  • राऊटर एक ip address को दूसरी जगह पे लेजाकर उस internate protocol address को उसके मुताबिक डेटा प्राप्त करवाता है ।
  • राऊटर एक प्रवेश द्वार की तरह काम करता है जो आम हमारे जरूरियात के मुताबिक जानकारी देने में मदद करता है।

 

राऊटर के फंक्शन (Router Function ) :

राऊटर के 2 फंक्शन होते है ।

  1. रूटिंग (Routing)
  2. फॉरवार्डिंग (Forwarding)

1. रूटिंग (Routing) :

रूटिंग के ऐसी प्रक्रिया है जो  पॉकेट से रिसीवर के जगह तक पहुचने के रास्ते की खतरी करती है ओर ये रूटिंग टेबल को बनाये रखती है जिसमे एक राऊटर के अलग अलग अल्गोरिधम होते है ।

2. फॉरवार्डिंग(Forwarding) :

फॉरवार्डिंग प्रोसेस में राऊटर इनपुट पोर्ट से सूचना प्राप्त करता है और उस सूचना के हैडर को चेक करता है फिर उसमें कुछ ऑपरेशन करता है जैसे कि चेकिंग करना और उसके बाद वो राऊटर टेबल में से उसके मुताबिक का परिणाम खोजके वे परिणाम आउटपुट के दौर पे पेश करता है ।

तात्पर्य :

हमने ip address की जानकारी में कई बाते सीखे ओर सबसे पहले तो हमने address क्या होता है ये जाना फिर इस  के बारेमे जाना उसके कितने प्रकार है और सबकी माहिती देखी है साथी ही कुछ ऐसे तफवत के मुद्दे जो विद्यार्थियों को परीक्षा में मददरूप हो सके । प्रकार के अलावा आप लोग खुदका ip address कैसे देख सकते हो ऐसी जानकारिया हमने आज देखी ।

हमने ये भी देखा कि राऊटर क्या होता है और उसके कुछ फंक्शन को भी पढ़ा है । ऐसी कही जानकारिया जो आपको ज्ञान में मदद कर सकती है ।

प्यारे दोस्तों , हमें आशा है की आपको हमारा ये लेख पढ़ने क मजा आया होगा। आपको ये पसंद आया है तो अपने दोस्तों , रिश्तेदारों को जरूर से शेयर करे।  हमें इससे प्रोत्साहन मिलेगा।

आगे ऐसे ही शानदार लेख को पढ़ने के लिए हमारी साइट पे आते रहियेगा।  हमारी साइट पे आने के लिए धन्यवाद।

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