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लिपि क्या है ?【लिपि के प्रकार , देवनागरी लिपि】

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lipi meaning in hindi

मित्रो हम सभी मनुष्यों को बोले बिना रह ही नही सकते। हमे विभिन्न बाते ,चर्चा , वार्तालाप करने के लिए भाषा की आवश्यकता रहती है। आपको पता है कि भाषा के साथ साथ लिपी भी हमारे लिए अत्यधिक आवश्यक ही है।

लिपी नाम (lipi meaning in hindi) कही न कही तो सुना ही होगा। आप के भी पढ़ने या सुनने में लिपि , देवनागरी लिपि जैसे शब्द सुनने को आये ही होंगे।

आप भी लिपी के बारे में जानने के लिए रुचि रखते हो तो ये लेख आपके लिए ही है। आज का लेख ओर पढ़ने के पश्चात आपको लिपि क्या है(lipi kise kehte hain) ? , लिपि के प्रकार , देवनागरी लिपि(devnagri lipi) भाषा और लिपि में अंतर , जैसे सवालो के अच्छे से विस्तार से सन्तोषकारक जवाब मिलेंगे।

चलिये तो आज एक नई जानकारी की और बढ़ते है। हमारे साथ अंत तक लिपि के बारे में पढ़ते रहिएगा।

विषय सूचि

लिपि क्या है ?lipi kise kehte hain (lipi meaning in hindi)

भाषा को लिखने के लिए अपनायी जाने वाली पद्धति (writing system) को लिपि कहा जाता है। अर्थात भाषा को लिखने के लिए जो चिह्नों का उपयोग किया जाता है उसी को ही लिपि कहते है।

दोस्तो मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है । मनुष्य को विचार , बाते , चर्चा , काम सभी के लिए भाषा की आवश्यकता रहति है। पर इसी भाषा को चिह्नो के रूप में पर्दशित करके लिखना ही लिपि है।

संसार मे जितनी भी भाषाएँ है उन सभी को लिपी के आधार पर लिखा जाता है । संसार मे बहुत सी लिपियां उपलब्ध है जैसे कि देवनागरी , ब्राह्मी , अरबी , यूनानी , गुरुमुखी

लिपि के प्रकार (lipi kitne prakar ke hote hain)

लिपि के तीन प्रकार होते है।

  1. चित्र लिपियां
  2. अल्फाबेटिक लिपियां
  3. अल्फासिलैबिक लिपियां

#1. चित्र लिपियां

प्राचीन समय के दौरान मनुष्य के पास कोई निश्चित लिपि नही हुआ करती थी उस समय वे चित्रों के आधार पर भाषा को पर्दशित किय्या करते थे ।

चित्रों का निर्माण कर वे अपने भाषा को दर्शाया करते थे। भारत मे भी हड़पा और सिंधु संस्कृति के अवशेष प्राप्त हुए है।

उन अवशेषों से मिले चित्रो से यही पुरवार होता है कि पहले के समय मे चित्र लिपियां प्रचलित हुआ करती थी।

नीचे हमने कुछ चित्र लिपियां का उदहारण दिया है।

#2. अल्फाबेटिक लिपियां

जैसे जैसे मनुष्यों का विकास होता गया वैसे वैसे लिपि का भी अछे से विकास होता गया। ऐसे ही लिपि अच्छे रूप से प्रदर्शित होने लगी।

ऐसे ही चित्र लिपि के पश्चात अल्फाबेटिक लिपि का उद्भव हुआ। ये लिपि की विशेषता ये है कि इनमें स्वर अपने पूरा अक्षर का स्रूप लेकर व्यंजन के बाद ही आते है।

कुछ उदाहरण जो आपको अल्फाबेटिक लिपि समजने में सहायक होंगें

  • रोमन लिपि(लैटिन) – अंग्रेजी , जर्मन , पश्चिमी और मध्य यूरोप की सारी भाषाएँ
  • अरबी लिपि – अरबी , उर्दू , फारसी , कश्मीरी
  • यूनानी लिपि – यूनानी भाषा
  • इब्रानी लिपि – इब्रानी भाषा
  • रूसी लिपि – रशिया की अधिकांश भाषाएँ

#3. अल्फासिलैबिक लिपियां

हमारे देश के साइड में यह लिपि हुआ करती थी । चित्र लिपि के बाद हमारे यहाँ ये लिपि फाफी प्रचलित हुई थी।

इस कि विशेषता यह है कि इसकी हरेक इकाई में अगर एक या अधिक व्यंजन होता है तो उसपर स्वर का चिह्न लगाया जाता है। और इकाई में व्यंजन नही होता तो स्वर का पूरा चिह्न लिखा जाता है।

आपको ज्यादा समजाने के लिए हमने नीचे कुछ उदहारण दिए है।

  • ब्राह्मी लिपि — संस्कृत और पालि(प्रचीन काल)
  • देवनागरी लिपि — हिन्दी, उर्दू ,संस्कृत, मराठी, नेपाली
  • गुजराती लिपि — गुजराती
  • गुरुमुखी लिपि — पंजाबी
  • बंगाली लिपि — बांगला
  • तमिल लिपि — तमिल
  • भारत की अन्य लिपियाँ
  • कानो लिपि — जापानी

भारत मे लिपि का इतिहास (History of lipi in india)

भारत मे भी बहुत ही प्राचीन समय मे लिपि के लिए सबसे पहले चित्र लिपि का प्रयोग किया जाता था।

पुरातन विभाग को खोडकाम के दौरान मीले हड़प्पा और मोहे जो दरों के अवशेषो में बहुत से चित्र मील पाये गए है।

धीरे धीरे बहुत सी लिपि का उद्भव होने लगा। पर इनमे से मात्र दो लिपि ही मुख्य थी।

  • 1. ब्राह्मी
  • 2. खरोष्ठी

ये दो लिपियां पहले के समय मे भारत मे बहुत ही प्रचलित हुआ करती थी।

ब्राह्मी को बाये से दाएं लिखा जाता था और खरोष्ठी को दाएं से बाये की और लिखा जाता है।

ब्राह्मी आगे जाकर दो शैली में विभाजित हुई एक उत्तरी शैली और दूसरी दक्षिणी शैली । हालांकि ब्राह्मी लिपि खरोष्ठी से ज्यादा प्रचलित हुई थी ।

खरोष्ठी को सिंध , कश्मीर और पंजाब के साइड ज्यादा प्रभाव था। पर धीरे धीरे ये लुप्त होकर नई लिपि में परिवर्तन होने लगा ।

ब्राह्मी का ज्यादा प्रभाव होने के कारण ब्राह्मी में से नागरी और देवनागरी लिपि का उद्भव होने लगा। अभी के समय मे अधिकांश भारतीय भाषाओं की लिपि देवनागरी लिपि है।

भारतीय भाषाओं की लिपि के बारे में विस्तार से जानकारी

#1. देवनागरी लिपि क्या है ?devanagari lipi in hindi

  • देवनागरी का उद्भव ब्राह्मी लिपि से हुआ है।
  • बाये से दाएं लिखी जाती है।
  • इस भाषामें शब्दों के ऊपर एक रेखा होति है । जिसे शिरोरेखा कहते है। ये इसकी पहचान है।
  • इसमें 52 अक्षर है इनमे से 14 स्वर और 38 व्यंजन है।
  • एक ध्वनि के लिए एक सांकेतिक चिन्ह अर्थात जैसा बोले वैसा ही लिखा जाता है।
  • लिखन और उच्चारण में भी एकरूपता है।अर्थात जैसा लिखे वैसा ही पढ़ सकते है।
  • इस लिपि की भाषाएँ : संस्कृत, पालि, हिन्दी, मराठी, कोंकणी, सिन्धी, कश्मीरी, हरियाणवी, डोगरी, खस, नेपाल भाषा (तथा अन्य
  • नेपाली भाषाएँ), तमांग भाषा, गढ़वाली, बोडो, अंगिका, मगही, भोजपुरी, नागपुरी, मैथिली, संताली, राजस्थानी बघेली

#2. ब्राह्मी लिपि क्या है ? Brahmi lipi in hindi

  • भारत की अति प्राचीन लिपि में से एक है।
  • बाये से दाएं लिखि जाती है।
  • मात्रात्मक लिपि है।व्यंजनो पर मात्रा लगाकर ये लिखी जाती है।
  • इस लिपि का विकास मौर्य काल मे ज्यादा हुआ था।
  • सम्राट अशोक के शिलालेख में भी यही भाषा का उपयोग किया गया था।
  • इस लिपि से उदभव हुई लिपियां : देवनागरी, बांग्ला लिपि, उड़िया लिपि, गुजराती लिपि, गुरुमुखी, तमिल लिपि, मलयालम लिपि,
  • सिंहल लिपि, कन्नड़ लिपि, तेलुगु लिपि, तिब्बती लिपि, रंजना, प्रचलित नेपाल, भुंजिमोल, कोरियाली, थाई, बर्मेली, लाओ, ख़मेर, जावानीज़, खुदाबादी लिपि आदि।

#3. गुरुमुखी लिपि

  • गुरुमुखी का अर्थ होता है गुरुओं के मुख से निकली हुई
  • इस लिपि में पंजाबी भाषा लिखी जाती है।
  • इस लिपि में 3 स्वर और 32 व्यंजन होते है।
  • स्वरों के साथ मात्रा को जोड़कर अन्य स्वर बनाये जाते है।

#4. तमिल लिपि

  • तमिल लिपि में ही तमिल भाषा लिखी जाती है।
  • बाये से दाएं लिखा जाता है।
  • ये लिपि का उद्भव ब्राह्मी लिपि से ही हुआ है।

#5. गुजराती लिपि

  • गुजराती लिपि में गुजराती और कच्छी भाषा लिखि जाती है।
  • देवनागरी लिपि से इस लिपि का उद्भव हुआ है।
  • हालांकि देवनागरी के जैसे इस लिपि में शिरोरेखा नही होती ।

#6. बंगाली लिपि

  • बंगाली लिपि में बंगला , असमिया या विष्णुप्रिया और मणिपुरी भाषा को लिखने के लिए उपयोग किया जाता है ।
  • इस लिपि का उद्भव ब्राह्मी लिपि से हुआ है।

 

भारतीय भाषा एवं उनकी लिपि

bharat-ki-bhasha-aur-lipi

 

भाषा और लिपि में अंतर क्या है ?(Difference Between lipi and language in hindi)

भाषा
लिपि

भाषा मुख के द्वारा उच्चरित शब्दो, वाक्यो का समूह है जिससे मन कि बात व्यक्त होती है।

लिपि भाषा को ससुव्यवस्थित लिखने की पद्धति को ही लिपि कहा जाता है

भाषा बोली जाती है मतलब सुनी जा सकती है

लिपि लिखी जाती है मतलब पढ़ी जा सकती है

भाषा ध्वनि संकेतो की व्यवस्था है 

लिपि वर्ण संकेतों की व्यवस्था है

भाषा का उदहारण - हिंदी , गुजराती , संस्कृत

लिपि का उदाहरण - ब्राह्मी , देवनागरी , लैटिन

 



 

कुछ चर्चित सवाल

हिंदी की लिपि क्या है ?

हिंदी की लिपि देवनागरी है।

उर्दू की लिपि क्या है ?

उर्दू की लिपि फ़ारसी और अरबी लिपि है।

संस्कृत भाषा की लिपि क्या है ?

संस्कृत भाषा की लिपि ब्राह्मी और देवनागरी लिपि है।

मराठी भाषा की लिपि क्या है ?

मराठी भाषा की लिपि देवनागरी है।

नेपाली भाषा की लिपि क्या है ?

नेपाली भाषा की लिपि ब्राह्मी , देवनागरी , भुजिंगोल लिपि है।

बांग्ला भाषा की लिपी क्या है ?

बांग्ला भाषा की लिपि ब्राह्मी और असमिया लिपि है।

पंजाबी भाषा की लिपि क्या है ?

पंजाबी भाषा की लिपि गुरुमुखी है।

तमिल भाषा की लिपि क्या है ?

तमिल भाषा की लिपि ब्राह्मी लिपि है।

 

दोस्तों हमने लिपि से जुड़े कुछ सवाल लिपि क्या है , लिपि के प्रकार , देवनागरी लिपि क्या है जैसे सवालो के जवाब की विस्तार से जानकारी दी है ।

हमें आशा है आपको पसंद आई हॉगी। आपको ये लेख पसन्द आया होतो अपने दोस्तों , रिस्तेदारो को जरूर से शेयर करे।

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