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पाइनएप्पल (अनानस) in hindi – अनानस ,जूस और पत्ते के फायदे और नुकसान

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आज आपको ऐसे फल के बारे में हम जानकारी देनेवाले हे , जो बाकि फलो से काफी अलग है पर उस फल का हर कोई दीवाना है।  आप समज ही गए होंगे की स्वादिष्ट और अनोखा खट्टा मीठा फल अनानस(पाइनएप्पल) की आज बात होने वाली है।

इंग्लिश के शौक़ीन लोग इस फल को पाइनएप्पल भी कहते है।  नाम जो भी हो पर इस स्वादिष्ट फल के फायदे से हर कोई वाकिफ नहीं भी होता है। ये फल औषधीय गुणों से भरा पड़ा हे।

कई खाने के शौक़ीन लोग अनानास को विविध तरीको से सेवन करते है जैसे की अनानास का जूस  , अनानास के पत्तो का , अनानास की केक। पाइनएप्पल (अनानास ) तो फायदों का खजाना है क्युकी अकेला अनानस ही नहीं साथ साथ इसका  जूस और पत्ते के भी बहुत ही फायदे है। ज्यादा प्रमाण हो जाये तो थोड़े नुकसान भी है ।  आज आपको इन सरे टॉपिक पर ज्ञान प्राप्त होने वाला हे तो तैयार हो जाइए इस बेहतरीन फल के बारे में जानने के लिए।

विषय सूचि

पाइनएप्पल (अनानस) के बारे जानकारी। (Information about pineapple)

  • अनानस का लेटिन नाम INANNA जो एक NANA नाम के छोड़ के ऊपर से रखा गया है।
  • ये  एक उष्णकटिबंधीय फल है।
  • अनानस  ब्रोमेलिएसए ( Bromeliaceae) कुटुंब का फल है।
  • इस फल को तक़रीबन 23 -30 डिग्री सेल्सियस तापमान की जरूरत पड़ती है।
  • आज के समय में अनानस विश्व का तीसरा उत्पादन करनेवाला  उष्णकटिबंधीय फल मन जाता है।
  • अनानस 1820 के बाद उष्णकटिबंधीय फलो का उत्पादन बढ़ गया है।

अनानस के बारे में कुछ मजेदार बातें।

  • अनानस की चमड़ी से एलकोहॉल भी बनाया जा सकता है।
  • यह फल यूरोपियन लोगो द्वारा ग्वाडालूप टापू पर मिला था।

अनानस के फायदे। (benefits of pineapple)

अनानस के स्वास्थ्य लाभ (HEALTH BENEFITS OF PINEAPPLE in hindi )

  • सर्दी और खासी के लिए अनानस (PINEAPPLE) उपयोगी फल साबित हुवा है।
  • शरीर की हड्डियों को मजबूत बनाता है।
  • दांतो के लिए अछ्हा है।
  • कैंसर रोकने में मदद करता है।
  • पाचन शक्ति बढ़ाता है।
  • आखे तेज होती है।
  • गठिया के लक्षणों को दूर करने में सहायक है।
  • हाइपरटेंशन को दूर करता ह।
  • मतली को दूर रखता है।
  • शरीर में प्राकृतिक ऊर्जा देता है।
  • चिंता दूर करता है।

अनानस के त्वचा के फायदे (skin  benefits of pineapple)

  • अनानस से मुँहासे का इलाज होता है।
  • एंटी एजिंग गुण मिलते है।
  • पिम्पल्स को रोकने में मदद करता है।

बालो में होने वाले अनानस के फायदे। (hair benefits of pineapple)

  • बालो को सॉफ्ट और चमकदार बनाता है।
  • बाल घने होते है।
  • बालो की जड़ो की सूजन को काम करता है।

अनानस (pineapple) का जूस कैसे बनाये।
(how to make pineapple juice in hindi)

2 लोगो के लिए  पाइनएप्पल के जूस बनाने के लिए तक़रीबन 5 से 10 मिनट्स लगती है।
पाइनएप्पल का जूस पिने से शरीर में 121 कैलरी मिलती है।

सामग्री (ingredients) :

  • 300 gm तजा अनानस
  • १ कप पानी
  • २ चम्मच शकर
  • 1/४ चम्मच काली नमक
  • बर्फ

जूस बनाने का प्रक्रिया :

  • अनानस को छीलकर उसे छूटे टुकड़ो में काट ले।
  • ब्लैंडर में पानी और चीनी के साथ अनानस के टुकड़े डाल दीजिये।
  • फिर मिश्रण को अच्छे से बना दीजिये।
  • छलनी की मदद से सूप को अलग कीजिये।
  • अगर रस बहुत ज्यादा गाढा हो तो उसमे थोड़ा पानी डालिये।
  • जूस को गिलास में डाल दीजिये।
  • उसपे थोड़ो कला नमक छिड़किये  और बर्फ के टुकड़े डाल दे।
  • फिर आपका पाइनएप्पल (अनानस) जूस पिने के लिए तैयार है।

पाइनएप्पल का जूस कब पीना चाहिए ?

  • आप 24 घंटे में कभी भी जूस पि सकते है।
  • इससे आपको कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं हो सकती

 

क्या गर्भावस्था (pregnancy) में पाइनएप्पल जूस अच्छा है ?

गर्भावस्था में पाइनएप्पल जूस शरीर के लिए अच्छा है , लेकिन कुछ लोग कहते है की इससे गर्भपात हो सकता है या प्रसव की पीड़ा हो फ़िलहाल तो ये सिर्फ कहने की बातें है। सा कोई वैगनानिक प्रमाण अभी तक साबित नहीं हुवा है।

पाइनएप्पल के पत्ते के मजेदार फायदे।

  • नाक के छिद्र को ठीक करता है।
    o अनानस के पत्ते के पानी और शहद को मिश्र करके नियमित रूप से पिने से शरीर रक्तस्त्राव ठीक होता है और नस्करी को भी अच्छी तरह से ठीक होती है।
  • क्षय रोग का इलाज करता है।
    o पाइनएप्पल के पत्ते उन लोगो के लिए बहुत मददगार है जिस लोगो ग्रंथियों के तपेदिक की समस्या देखि है। अनानस का काढ़ा तपेदिक का इलाज कर सकता है।
  • अच्छी तरह से पाचन में मदद करता है।
    o कई लोगो को शौच करने में समस्या होती है ,तो इसलिए हर सुबह अनानस के पत्ते के उबला हुवा पानी पिने से आपके पेट और आंतो को स्वस्थ करने में मदद करता है।
  • जले हुवे भाग पर मलम की तरह उपयोगी है।
    o अच्छे से मसला हुवा अनानस के पत्ता जले हुवे भागो पे लगाने से बहुत राहत मिलती है।
  • चोटों में दवा की तरह।
    o शरीर पे लगी चोटों पर अनानस के पत्ते के पाउडर लगाके ठीक कर सकते है।
  • बवासीर और बुखार के इलाज में उपयोगी।
    o जो लोग सर्जेरी के बिना रक्तस्त्राव का इलाज करना चाहते हे उन लोगो के लिए उबले हुवे पाइनएप्पल के पत्ते  महत्वपूर्ण साबित हो सकते है। जो सर्दी या बुखार जैसी बीमारी से लड़ने में मदद करता है।

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अनानस की खेती।

अनानस की खेती के लिए अच्छा स्थान।

अनानस की खेती के लिए सबसे अच्छा और आदर्श स्थान तटीय क्षेत्र है। अनानस को अच्छी मात्रा में वर्षा और वायु की जरुरत पड़ती है। अनानस समुद्र के तट से 1100 मीटर उच्चाई पर बढ़ता है।

पाईनेप्पले के लिए अच्छा मौसम।

  • अनानस के लिए इष्टतम तापमान 22 से 32 डिग्री के बिच में होना चाहिए। 32 डिग्री तापमान पर पत्तिया अच्छी होती है जबकि जड़े 29 डिग्री तापमान पर अच्छी रहती है। अनानस की फसल 20 डिग्री के नीचे और 36 डिग्री के ऊपर के तापमान पर नहीं उग पति है हलाकि महत्वपूर्ण वर्षा अनानस के लिए अच्छी है ,ये 100 -150 सेमि बारिश में अच्छी तरह से बढ़ता है।
  • आदर्श रूप से मन जाता है की अनानस को फूलो के मौसम के 12 – 15  महीने पहले ही लगाया जाता है। फूलो का मौसम का महीना दिसंबर और मार्च के बिच का होता है।
  • कर्णाटक  और केरल में अनानस की खेती अप्रैल – जून के बिच में होती है।
  • आसाम में ये अगस्त और अक्टूबर महीने के बिच में होता है।

अनानस की खेती के लिए किसी मिटटी चाहिए ?

  •  अनानस कोई भी प्रकार की मिटटी में अच्छी तरह से विकसित होता है ,फिर भी ज्यादार रेतीली मिटटी को ज्यादा मत्वपूर्ण मानते है। अच्छी तरह से सुखी हुवी मिटटी अनानस के लिए बहुत अच्छी साबित होती है जलोढ़ (Alluvial) और लेटराइट (laterite) ये मिटटी के प्रकार है जो अनानस के लिए उपयोगी माना जाता है।

अनानस की खेती के लिए पानी की जरूरियात।

  • आम तोर पर अनानस की खेती तटीय क्षेत्रों में की जाती है जहा बारिश ज्यादा मात्रा में होती है ,जिसके कारण सिचाई की जरुरत नहीं पड़ती। हालाकि , अगर आप व्यवसाइक पमे पर खेती करते है तो पूरक सिंचाई बहुत ही महत्वपूर्ण साबित होती है और अच्छे आकर के फल पैदा होते है। निर्यात गुणवत्ता वाले अनानस का उत्पादन करने के लिए इस चीज का पालन किया जाता  है।  यदि गर्म मौसम और कम बारिश वाले विस्तार में उगाया जाये तो 2 हप्ते में 1 बार सिंचाई की जरुरत पड़ती है।

अनानस की खेती के लिए कितनी PH जरुरी है ?

  •  अनानस की खेती के लिए 5.5 से 6  के बिच की PH  जरुरी है।

पाइनएप्पल केक।

  • वैसे तो पाइनएप्पल से बहुत सरे प्रकार की केक बनायीं जाती है। उसमे से एक सामान्य केक बनाने का तरीका नीचे दिया गया है।

सामग्री :

  • 11 चम्मच बेकिंग पाउडर
  • आधा चम्मच नमक
  • 1 चम्मच बेकिंग सोडा
  • 1 कप पाइनएप्पल जूस
  • 1 चम्मच वैनिला
  • आधा कप कुचला हुवा अनानस
  • आधा कप बटर
  • 1 कप खांड
  • 6 बड़े अंडे

केक बनाने की प्रक्रिया।

  • शरुआत में ओवन को 175 डिग्री सेल्सियस तापमान तक गरम करे।
  • आटा ,बेकिंग पाउडर ,बेंकिंग सोडा और नमक को एक साथ मिला दीजिये।
  • एक कटोरा लीजिये और उसमे एक साथ रस ,कुचला हुवा अनानस और वेनिला दाल दीजिये।
  • मिक्स किये हुवे कटोरे में बटर और 1 कप शक्कर एक साथ मिक्स कर दीजिये।
    ये मिश्रण चिकना होने तक मिक्स करते रहे।
  • इस मिश्रण में अंडे की सफेदी दाल दीजिये और दरम करने के लिए रख दीजिये।
    आखिर में तैयार हो जाये तो स्टव कर लीजिये।
  • इस तरह से आपका पाइनएप्पल केक तैयार हो जायेगा।
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