Connect with us

G.K.

〚राजस्थान की राजधानी〛क्या है?रसप्रद इतिहास जानिए हिंदी में

Published

on

capital of rajasthan full information

दोस्तो , आप भारत के विस्तार से सबसे बड़े राज्य राजस्थान से तो वकेफ ही होंगे। यह भारत की प्राचीन विरासत समान है।

राजस्थान के प्राचीन किले , पुराने काल के कला-स्थापत्य के कारण राजस्थान प्रवासियों के आकर्षण का हमेशा केन्द्र रहा है।

बहुत से लोग अक्सर पूछा करते है कि

राजस्थान की राजधानी क्या है? (Rajasthan ki rajdhani kya hai ?) ,
राजस्थान की राजधानी कहां पर है? ,
राजस्थान की राजधानी का इतिहास क्या है?

दोस्तो , आपके भी मन में यह सवाल पैदा होते है , तो यार आप सही जगह पर है।

आज के लेख में हम इसी विषय राजस्थान की राजधानी के बारे में विस्तृत चर्चा करने वाले है।

यह लेख पढ़ने के बाद आपको राजस्थान के राजधानी से जुड़ी सभी प्रकार की रसप्रद और ज्ञानवर्धक माहिती आपको मिल जाएगी। तो चलिए शुरू करते है।

राजस्थान की राजधानी क्या है ? What is the Capital of Rajasthan?

राजस्थान की राजधानी जयपुर है। ये शहर गुलाबी शहर(पिंक सिटी ) के नाम से भी जाना जाता है।

राजस्थान की राजधानी का इतिहास क्या है?

जयपुर की स्थापना सन 1727 में की गई थी।

राजस्थान में पहले राजधानी आमेर हुआ करती थी । आमेर के उस वक्त के राजा सवाई जयसिंह थे।

उनको उनकी उस वक्त की राजधानी आमेर में सुरक्षा का अभाव महसूस हो रहा था । उसके कारण उन्है एक नया शहर की स्थापना करने का विचार आया।

महाराजा सवाई जयसिंह ने बंगाल के एक विद्वान ब्राह्मण विद्याधर चक्रवर्ती को एक शहर बनाने की योजना बनाने का कार्य सौंपा ।

विद्याधर एक विद्वान थे। उन्हके पास वास्तु कला का गहरा ज्ञान था। इसी ज्ञान से प्रभावित होकर महाराजा ने उनको जयपुर के निर्माण की योजना का कार्य सौंपा।

इसीलिए ही जयपुर को भारत का पहला ऐसा शहर माना जाता है जो योजना से बनाया गया है।

सारी योजना का कार्य पूर्ण होने के बाद जयपुर की पहली नीव 1727 में रखी गयी और इसके साथ साथ जयपुर के निर्माण का कार्य शुरू हो गया।

राजस्थान की राजधानी जयपुर को बनाने में पूरे 4 साल का समय लग गया था। 4 साल के बाद यह बेहतरीन शहर तैयार हुआ था।

जयपुर शहर को 9 खंडों में विभाजित किया गया था । जिसमे से दो खंड में राजमहल और राजकीय इमारते और बाकी के सात खंडों को आम जनता के लिए रखा गया था ।

राजस्थान की राजधानी को पूरे सुनियोजित योजना के साथ बनाया गया था। इस शहर की चारो और दिवाले थी जो इसको सुरक्षित रखती थी।

इस शहर को सुरक्षित रखने के लिए इस नगर में चारो और परकोटा बनाया गया। पश्चिम की पहाड़ी पर नाहरगढ़ के किले का निर्माण किया गया और पुराने दुर्ग जयगढ में हथियार बनाने का कारखाना बनवाया गया।

राजस्थान की राजधानी को पिंक सिटी क्यो कहा जाता है?

राजस्थान की राजधानी जयपुर को पिंक सिटी या गुलाबी नगर के नाम से पहचाना जाता है। जिसका एक अनोखा कारण है जो आपको हम नीचे बताएँगे।

1876 में ब्रिटेन के महारानी एलिजाबेथ और प्रिंस ओफ वेल्स भारत आने वाले थे। उनके भारत मे दौरे में जयपुर की भी विजिट लेने वाले थे।

तो उस वक्त के महाराजा सवाई रामसिंह ने उनके स्वागत में पूरे शहर को दुल्हन की तरह गुलाबी रंग से रंगवा दिया था। रास्ते में भी गुलाब के फूलों को रखा गया था।

इस प्रकार जयपुर पूरे गुलाबी रंग के तब्दील हो गया। साथ साथ राजस्थान की राजधानी जयपुर पिंक सिटी या गुलाबी नगर के नाम से पहचाना जाने लगा।

राजस्थान की राजधानी में देखनेलायक पर्यटन स्थल

हवामहल

  • हवा महल राजपूतों की प्राचीन कलाओं का अजोड नमूना है।
  • हवा महल एक नई प्रकार की रचना है। इसको राजघराने की स्त्रियों के लिए बनाया गया था।
  • हवामहल के द्वारा राजघराने की स्त्रियां , शहरों के उत्सवों और दैनिक जीवन को देख पाए इस हेतु से बनाया गया था।
  • हवामहलपांच मंजिला इमारत है। इसमें 953 खिड़किया बनाई गई है। इसलिए ही इसे हवामहल कहा जाता है।
  • इसकी खासियत यह है कि एक बारी से होकर जब दूसरी बारी से हवा चलती है तो ऐसा लगता है की पंखा चल रहा हो।
  • हवा की सुंदरता का बेहतरीन अनुभव इस महल में होता है।

नाहरगढ़ किला

  • जयपुर को घेरती हुई अरावली की पर्वतमाला पर यह किला बना हुआ है ।
  • 1734 में सवाई राजा द्वितीय जयसिंह ने आमेर की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नाहरगढ़ के किले को बनवाया था।
  • ज्यादा जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करे- नाहरगढ़ किला

जंतर मंतर

  • जंतर मंतर , इसका नाम बहुत अजीब का रखा गया है पर आप काम सुनकर अचंभित रह जाओगे ।
  • जंतर मंतर पत्थर की बनाई हुई वेधशाला है। यह जयसिंह द्वारा बनाई गई पांच वेधशालाओं में से सबसे बड़ी वेधशाला है।
  • यह वेधशाला का उपयोग खगोलीय अभ्यास के लिए किया जाता था।
  • इस मे सबसे विशेष रामयंत्र है जिसका उपयोग प्राचीन समय में ऊंचाई नापने के लिये किया जाता था।
  • जंतर मंतर को 2012 में यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहरों में शामिल किया गया था।

आमेर किला

  • जयपुर में पहाड़ीओ पर आया हुआ यह किला प्रवासियों के आकर्षण का मुख्य केंद्र है।
  • इस किले के बारे में ज्यादा जानने के लिए यहाँ क्लिक करे – आमेर किला

पिंक सिटी बाजार

  • यह बाजार जयपुर की सुंदरता को और गहराई से निखारता है।
  • बाजार में नई नई राजसस्थानी बनावटी शैली कि चीजे और राजस्थानी खाने का मजा का सुनहरा अनुभव यही बाजार में संभव है।

जयगढ किला

  • जयगढ़ किले को 1726 में बनाया गया था। इस किले को विजय किला भी कहा जाता है।
  • जयपुर की सीमा पर यह किला आया हुआ है। इस किले में भारत की सबसे बड़ी तोपो में से एक टॉप जयबाण को रखा गया है।

सिटी पैलेस

  • सिटी पैलेस को राजस्थानी और मुगली शैली को मिश्रण करके बनाया गया था।
  • पुराने शहर के मध्य में ही आया हुआ है यह पैलेस। इस मे भूरे संगे मरमर का उपयोग किया गया है। इसे बहोत ही बेहतरीन कला शैली और नकशी काम से नवाजा गया है।
  • इसके शुरुआत में स्वागत करते हाथियो की कलाकृतियों से होती है। अंदर एक संग्रहालय जैसा बनाया गया है।
  • सिटी पैलेस के अंदर राजसस्थानी पोशाक और राजपूतों के हथियारों का संग्रहालय बनाया गया है।

jaypur turiest places

राजस्थान की राजधानी से जुड़ी रोचक जानकारियां

  • जयपुर को ग़ुलाबी नगर या पिंक सिटी के नाम से जाना जाता है।
  • जयपुर को भारत की पहली ऐसी सिटी मानी जाती है जो योजना से बनाई गई है।
  • जयपुर में भारत की सबसे बडी तोपो मेसे एक तोप जयबाण जयगढ के किले में आयी हुई है।

कुछ ज्ञानवर्धक लेख:


निष्कर्ष:

दोस्तो हमे उम्मीद है कि आपको यह लेख रसप्रद और ज्ञानवर्धक लगा होगा।

आपको यह लेख पढ़ने के बाद राजस्थान की राजधानी क्या है? (Rajasthan ki rajdhani kya hai ) और राजस्थान की राजधानी का इतिहास क्या है ? जैसे सवालो का जवाब मिल गया होगा।

आपको यह लेख पसंद आया हो तो जरूरसे अपने दोस्तों , रिस्तेदारों को जरूर से शेयर करें।

हमारी साइट पे ऐसे ही लेख पढ़ने आते रहिएगा। आपका धन्यवाद।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Categories

Recent Post

Trending