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संज्ञा किसे कहते हैं ? संज्ञा के भेद , प्रकार और परिभाषा हिंदी में जाने

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sangya kise kahte hai - sangya in hindi

दोस्तो , कोई भी भाषा सीखने के लिए उसके व्याकरण(ग्रामर) का बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। आज हम हिंदी व्याकरण के ही एक हिस्से संज्ञा(Noun) के बारे के विस्तृत चर्चा करने वाले है।

बहुत से लोगो के मन मे अक्सर हिंदी व्याकरण से जुड़ें सवाल रहते है जैसे की संज्ञा किसे कहते है ?(Sangya kise kehte hain ) , संज्ञा के कितने भेद होते है?(Sangya ke kitne bhed hote hain) तो आज हम हिंदी व्याकरण में संज्ञा(Noun) के बारे में आपको ज्ञानवर्धक जानकारी देंगे।

विषय सूचि

संज्ञा किसे कहते हैं ? Sangya kise kahate hain? What is the noun in hindi grammar? 

किसी व्यक्ति, वस्तु,स्थान,या भाव आदि को निर्देश करने के लिये संज्ञा का उपयोग किया जाता हैं। जैसे गीता, सीता,राम , पाटण, आराम  ,टेबल  वगैराह किसी व्यक्ति, वस्तु या स्थान, को निर्देश करते है। संज्ञा जिसे अंग्रेजी में noun कहते हैं।

इसके कई प्रकार है। जिसे वो जैसे निर्देशित करती है उसी प्रकार से संज्ञा का विभाजन किया गया है।

तो आओ हम आज हिंदी व्याकरण का पाठ पढ़ते है जिसमे संज्ञा के विषय की बहुत जानकारी मिलेगी।

संज्ञा के कितने भेद होते है ? Sangya ke Prakar – संज्ञा के प्रकार उदाहरण सहित समझाएं

मुख्य रूप से संज्ञा के पांच (five) प्रकार होते है।

  • #1.व्यक्तिवाचक संज्ञा (Proper Noun)
  • #2.जातिवाचक संज्ञा(Common Noun)
  • #3.भाववाचक संज्ञा (Abstract Noun)
  • #4.समूहवाचक संज्ञा (Collective Noun)
  • #5.द्रव्यवाचक संज्ञा (Material Noun)

sagya ke bhed aur prakar jane

 व्यक्तिवाचक संज्ञा (Proper Noun) – व्यक्तिवाचक संज्ञा किसे कहते हैं?

व्यक्तिवाचक संज्ञा किसी व्यकि ,वस्तु स्थान के नाम को निर्देशित करती है जैसे हनुमान ,राम ,पवन, मुम्बई पथ्थर ।

व्यक्तिवाचक संज्ञा को समझे कि

  1. रमेश अच्छा लड़का है
  2. अहमदाबाद बड़ा शहर है
  3. घड़ी दीवाल पे लगी है

इसमे रमेश,अहमदाबाद या घड़ी से व्यकि ,शहर या वस्तु का बोध होता है जो कि व्यकिवाचक संज्ञा है

जातिवाचक संज्ञा(Common Noun) – जातिवाचक संज्ञा किसे कहते हैं? 

जाती वाचक संज्ञा  जो किसी समूह या समुदाय को निर्देशित करती है

जैसे मनुष्य, लड़की, पक्षी, गाय, हाथी

यहाँ किसी व्यक्ति या स्थान नही पर समुदाय को निर्देशित किया जाता है।

गाय पवित्र प्राणी है

इसमें गाय  कोइ एक विशेष गाय नही पर पूरी जाती का बोध होता है।

भाववाचक संज्ञा (Abstract Noun) – भाववाचक संज्ञा किसे कहते है?

भाववाचक संज्ञा में गुण ,कर्म,धर्म या दशा का निर्देश होता है।

जैसे बचपन, दयालुता ,क्रोध, ज्ञान , सुख ,दुःख,कमाइ युवानी ।

भाववाचक संज्ञा में किसी की स्थिति या गुण का बोध होता है।

समूहवाचक संज्ञा (Collective Noun) – समूहवाचक संज्ञा किसे कहते है?

समूहवाचक संज्ञा किसी व्यक्ति या वस्तु के समूह को निर्देश करती है।

जैसे मेला,क्लास, फौज, ज़ुण्ड जब किसी वाक्य मैं किसी बड़े समूह के संबधित बातों का बोध होता है तो उसे समूहवाचक संज्ञा कहा जाता है।

जैसे , लश्कर युद्ध के लिए तैयार है ।

इस वाक्य में किसी व्यक्ति का नही पर पूरे लश्कर की बात की गई है इसलिए उसे समूहवाचक संज्ञा कहते हैं।

द्रव्यवाचक संज्ञा (Material Noun) – द्रव्यवाचक संज्ञा किसे कहते है ?

द्रव्यवाचक संज्ञा में उसके नाम के अनुसार किसी द्रव्य या धातु का बोध किया जाता हैं।

जैसे लोहा ,सोना ,दूध ,पानी, लकड़ा, माटी  ।

उदाहरण देखने है तो

  1. सोना बहुत महँगा है
  2. रात को दूध पीना सेहत के लिए अच्छा है

ये तो है संज्ञा के प्रचलित प्रकार ।इसके अलावा भी संज्ञा के कुछ और प्रकार है। आइए इसके बारे में भी थोड़ी जानकारी लेते है।

व्युत्पत्ति के आधार पर संज्ञा के प्रकार – व्युत्पत्ति के आधार पर संज्ञा के कितने प्रकार होते है ?

व्युत्पत्ति के आधार पर संज्ञा का तीन प्रकार है

रूढ़ संज्ञा – रूढ़ संज्ञा किसे कहते है ?

ये संज्ञा किसी वस्तु को निर्देश करते है  जिसके प्रत्येक शब्दखण्ड का अलग करने पर कोई मतलब नही निकलता।

नल, कल ,जल आदि। इसमे जैसे नल मैं न और ल का अलग का कोई अर्थ नही निकलता।

यौगिक संज्ञा – यौगिक संज्ञा किसे कहते है ?

इस संज्ञा का शब्द दो शब्दखण्डॉ को मिला ने से प्रत्येक शब्दखण्ड का सार्थक अर्थ निकलता है।

जैसे पाठशाला  इसमे पाठ और शाला दोनो शब्दो के अपने अलग अर्थ निकलते है

उदाहरण पाठशाला, गौशाला, सत्यलोक

योगारुढ संज्ञा – योगारुढ संज्ञा किसे कहते है ?

ये संज्ञा में अपने शब्दखण्ड को छोड़कर कुछ विशेष अर्थ देते है जैसे जलज ,जिसका अर्थ होता है जल मैं जन्म लेने वाला । वैसे जल में जन्म तो अनेक जीव लेते है लेकिन यहाँ अर्थ होता है कमल । ऐसी संज्ञा को योगरूढ़ संज्ञा कहते है।

व्युत्पत्ति के आधार पर संज्ञा के प्रकार की  संक्षिप्त में जानकारी

जिन संज्ञा के शब्दखण्ड का कोई अर्थ नही होता उसको रूढ़ संज्ञा  ,,जिन संज्ञा के शब्दखण्डॉ का अलग अलग अर्थ होता है उसको यौगिक संज्ञा और जिन संज्ञा के शब्दखण्ड का कोई विशेष अर्थ निकलता है उसे योगरूढ़ संज्ञा कहते है ।

संज्ञा , संज्ञा के भेद के कुछ उदहारण – संज्ञा से जुड़े कुछ चर्चित सवाल

गंगा कौन सी संज्ञा है?

गंगा व्यकिवाचक  संज्ञा है।

भोजन कौन सी संज्ञा है?

भोजन जातिवाचक संज्ञा है ।

रेलगाड़ी कौन सी संज्ञा है?

रेलगाडी व्यकिवाचक संज्ञा है

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प्रकृति कौन सी संज्ञा है?

प्रकृति जातिवाचक संज्ञा है ।

हिमालय कौन सी संज्ञा है?

हिमालय व्यकिवाचक संज्ञा है ।

धूप कौन सी संज्ञा है?

धूप भाववाचक संज्ञा है ।

नदी कौन सी संज्ञा है?

नदी जातिवाचक संज्ञा हैं ।

मुंबई कौन सी संज्ञा है?

मुम्बई व्यकिवाचक संज्ञा हैं ।

कलम कौन सी संज्ञा है?

कलम जातिवाचक संज्ञा है ।

कंप्यूटर कौन सी संज्ञा है?

कंप्यूटर जातिवाचक संज्ञा है ।

कुर्सी कौन सी संज्ञा है?

कुर्सी जातिवाचक संज्ञा है ।

रोहित शब्द में संज्ञा क्या है?

रोहित शब्द मै व्यकिवाचक संज्ञा हैं ।

दोस्तों , हमें आशा है कि आपको हमारा यह हिंदी व्याकरण की संज्ञा से जुड़ा लेख पसंद आया होगा ।

हमें उम्मीद है कि आपको आपके कुछ सवाल जैसे कि संज्ञा किसे कहते हैं और इसके कितने भेद है ?,संज्ञा के प्रकार जैसे सवालो के जवाब इस लेख में मील गए होंगे। आप को यह लेख ज्ञानवर्धक लगा हो तो अपने दोस्तों , रिस्तेदारों को जरूर से शेयर करे ।

हमारी साइट पर ऐसे ही ज्ञान से जुड़े लेख पढ़ने आते रहियेगा। हमारी साइट पे आने के लिए धन्यवाद।

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