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सेंधा नमक क्या है?(फायदे , नुकसान ) पूरी जानकारी सरल भाषा में

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हेलो , दोस्तो आपको अगर बिना नमक का खाना डीह जाए तो कैसा लगेगा? बिना नमक के खाने में स्वाद ही नही आता। हैम सब के जीवन मे खाने के दौरान नमक एक हिस्सा से हो गया है। आपको पता ही होगा नमक के बहुत से प्रकार है । आमतौर पर भारत में समुद्री नमक खाया जाता है।  भारत के प्राचीन समय में सेंधा नमक  (Rock Salt)ज्यादा खाया जाता था जो अभी काफी कम चलन में है।

सेंधा नमक (Rock Salt) का आजकल काफी कम महत्व दिया जाता है पर इसके गुण सुनकर आपको भी इसकी कदर हॉगी। इसके लाभ के सामने समुद्री नमक तो कुछ नही है। ये इतना शुद्ध माना जाता है कि भारतीय व्रत के दौरान भी ये नमक खाया जाता है। आयुर्वेद में भी इसका काफी बार जिक्र किया गया है।

दोस्तो ,  क्या आप जानते हो सेंधा नमक के बारे में ?  आज हम इसी नमक के बारे में विस्तार से जानकारी देने वाले है। आपको कुछ ऐसे रोचक तथ्य जानने को मिलेंगे , जिसको पढ़कर आप भी कहोगे की सेंधा नमक (Rock Salt)को ही खाना चाहिए। आगे पढ़ते रहिये

विषय सूचि

सेंधा नमक क्या है?  Sendha namak details in hindi

नमक का ही एक प्रकार सेंधा नमक है । ये नमक पहाडियो से खनिज के रूप  में मिलता है । इस नमक में प्रमुख घटक सोडियम क्लोराइड होता है। इस नमक में लगभग 80 से ज्यादा मिनिरल्स होते है जो बहुत ही फायदेमंद होते है। सेंधा नमक में आयोडीन की मात्रा काफी कम होती है ।

इस नमक कि सबसे बड़ी खुदान पाकिस्तान के पंजाब इलाके की खेवड़ा खुदान है। पाकिस्तान के पंजाब एवं सिंध प्रांत के पहाडियो में इस तरह के सिंध नमक की खनिज प्राप्त होती है । सेंधा या सेंधव नमक  यानि सिंध प्रान्त से आया हुआ।  हिमालय में भी काफी स्थानों में ये पाये जाते है ।

सेंधा नमक के कुछ प्रचलित  नाम

  • सिन्धुजा नमक
  • पहाड़ी नमक
  • लाहोरी नमक
  • हल्का गुलाबी नमक
  • शीत नमक
  • हैलाईट

सेंधा नमक के प्रकार

सेंधा नमक के टोटल दो प्रकार होते है । पहले प्रकार को श्वेत (white) और दूसरे को  रक्त (Red or light pink) सेंधा नमक कहा जाता है। दोनों नमक ही काफी गुणकारी होते है।

काले नमक को भी एक तरीके से इसका  ही प्रकार गिना जा सकता है । आयर्वेद में अनुसार सिन्धव नमक के बाद काले नमक को खाने के लिए उत्तम माना जाता  है।

सेंधा नमक की तासिर

  • सेंधा नमक की तासीर ठंडी होती है।

सेंधा नमक में क्या पाया जाता है?

Sendha namak  में बहुत से तत्व शामिल होते है । लगभग 80 से ज्यादा मिनरल्स का मिश्रण होता है इस नमक में। हमने इनमे से कुछ तत्वों के नाम नीचे बताये है।

  • 1. आयोडीन (बाकी नमक के मुकाबले बहुत कम होता है)
  • 2. लिथियम
  • 3. मैग्नेशियम
  • 4. फॉस्फोरस
  • 5. पोटेशियम
  • 6. क्रोमियम
  • 7. मेंगेनीस
  • 8. लोहा
  • 9. ट्रोनतीयम
  • 10. जस्ता

समुद्री नमक में आयोडीन की मात्रा ज्यादा होती है । इस पहाड़ी नमक में आयोडीन की मात्रा काफी कम होती है इसलिये ही जिसको आयोडिन की ज्यादा कमी हो उसको ये नमक और समुद्री नमक को मिलाकर खाना चाहिए।

सेंधा नमक का रासायनिक सूत्र

सेंधा नमक का रासयनिक नाम बाकी नमक की तरह ही सोडियम क्लोराइड (Nacl)  होता है। हालांकि कुछ लोग इस का रासायनिक सूत्र को पोटेशियम क्लोराइड (kcl) भी कहते है । इस नमक को रोक सॉल्ट भी कहा  जाता है।

इस पहाड़ी नमक में बहुत से तत्व शामिल होते है। लगभग 80 से ज्यादा मिनरल्स इस नमक में शामिल होते है । प्रमुख घटक सोडियम क्लोराइड होने की वजह से इसका रासायनिक नाम इसको गिना जाता होगा।

सेंधा नमक कैसे बनता है ?

भारत मे उतर की और पंजाब और सिंध प्रान्त में पहाडियो में ये नमक खनिज के जैसे पत्थर के रूप में मिलता है। इसको इस पत्थर रूप में ही लाया जाता है ।

सेंधा नमक को इसी रूप में फिर पीसकर नमक जैसा बनाया जाता है। काफिलोग पत्थर ही खरीद ले ते है , उसके पश्चात वे इसको पीसकर  उपयोग करते है । ये बाजार में तैयार पिसा हुआ भी उपलब्ध है वो भी कई लोग उपयोग करना पसंद करते है।

इस सेंधव  नमक में किसी भी प्रकार की मिलावट नही होती । वो पहाड़ियों में से मिलता है जिससे इसमें बहुत से मिनरल्स शामिल होते है , जो समुद्री नमक में नही होता। ये इतना शुद्ध होने की वजह से ही भारत मे व्रत के दौरान इस नमक को खाया जाता है । आयुर्वेद में इसलिये ही इसको इतना महत्व दिया गया है

सेंधा नमक का उपयोग कैसे करे?

सिन्धव नमक का उपयोग बहुत तरीके से किया जाता है । जैसे कि आप अपनी सब्जी ओ में उपयोग कर सकते हो। फल को खाना हो तब भी इस नमक का  उपयोग कर सकते हो। कई लोग पानी मे भी इसे मिलाकर पी ना पसंद करते है।

इस नमक में आयोडीन की मात्रा कम होने के कारण जिन लोगो को आयोडीन की कमी हो वे इस नमक के साथ समुद्री नमक को मिलाकर खाना चाहिए ।

सेंधा नमक और सामान्य नमक के बीच का अंतर

सेंधा नमक 

सामान्य नमक 

आयोडीन की मात्रा कम होती है 
आयोडीन की मात्रा ज्यादा होती है 
शुद्ध होता है 

सेंधा नमक जितना शुद्ध नहीं होता 

व्रत में खाया जा सकता है 

व्रत में नहीं खा सकते 

पहाड़ियों में से मिलता है 

समुद्र  में से मिलता है 

बहुत से मिनरल्स (लगभग 80 से ज्यादा ) मिक्स होते है 

सेंधा नमक जितने ज्यादा मिनरल्स नहीं होते है  

सेंधा नमक के फायदे-सेंधा नमक के फायदे क्या है ?sendha namak ke fayde in hindi

बहुत से औषधीय गुण के साथ सेंधा नमक फायदे का खजाना है । पहाडियो में से मिली कुदरत की अमूल्य भेट है ये पहाड़ी नमक।इसके फायदे हम आपको नीचे बताने वाले है जो आपको स्वस्थ और तंदुरुस्त रहने में काफी सहायता करेंगे ।

1. पाचन की समस्या में सहाय करता है।

कई लोगो को पाचन से जुड़ी समस्याये होती है। वे लोग कुछ खाते है तब उन्हें कुछ हजम नही होता है या लंबा टाइम लग जाता है । जिससे उनको परेशानीया झेलनी पड़ती है। सेंधा नमक का खाने में उपयोग करने से आपको पाचन क्रिया तेज बनेगी जिससे उससे जूडी समस्या खत्म हो जाएगी।

2. भूख में सुधार लाता है।

बहुत से लोगो को ये तकलीफ होती है कि उन्हें भूख नही लगती । वे लोग काफी हेरान हो जाते है। वे लोग अगर इस नमक का उपयोग करने लग जाये तो उन्हें भूख लगनी शुरू हो जाएगी।

3. पेट से गैस को निकाल ने में सहाय करता है।

गैस की समस्या में काफी लोग परेशानी झेलते है । गैस की समस्या बहुत ही दर्दनाक होती है । वे लोग अगर इस नमक का सेवन करे तो आयुर्वेद के अनुसार उन्हें गैस की समस्या दूर हो जाएगी।

4. वजन घटाने में सहायक है।

लगभग ज्यादा से ज्यादा लोग मोटापे की समस्या में है। वे लोग शरीर मोटा होने के कारण बहुत हैरान होते है। कुछ लोग जिम , कसरक्त , डायट का सहारा लेते है। ये सेंधव नमक भी आपको इस समस्या से छुटकारा देने में सहाय करेगा। उसका सेवन कीजिये।

5. मृत त्वचा हटके नई त्वचा लाता है और त्वचा में चमक आती है।

6. हाथ और पैर को इससे रगड़ ने से त्वचा साफ रहती है।

कई लोगो की त्वचा साफ नही रह पाती है । वे लोग थोड़ा सा सिन्धव नमक लेके जो हाथ और पेर में रगड़े तो उन्हें ये तकलीफ से तुरंत छुटकारा मिल जाएगा । इस क्रिया से त्वचा बहुत साफ रहती है।

8. गर्म पानी मे डाल के गरारे करने से खांसी , टॉन्सिल्स , दर्द दूर होता है।

गले की समस्या बहुत से लोगो को होती है जो परेशनियों का जड़ है। क्योंकि गले का उपयोग इंसान को बहुत करना पड़ता है। कई लोग खांसी , गले में दर्द , टॉन्सिल्स जैसी बीमारियों से पीड़ित होते   है । ऐसे लोगो को गरम पानी मे सेंधा नमक डाल के ग़रारे करने चाहिए । आपके दर्द समाप्त हो जाएंगे।

9. दांतो को सफेद करने के लिए मदद करता है।

10. सांसो की बदबू दूर करने के लिए सहायक है।

कई लोगो को प्याज का सेवन किया हो या कोई अन्य वजह से मुँह में से बदबू आती रहती है। ये समस्या हमे कई बार दूसरों के सामने शर्मिंदा करती है , खासकर के लड़कियों के सामने । हमारे पास इसका श्रेष्ठ उपाय है। सिन्धव नमक आपकी परेशानी का हल है । आप पानी मे मिलाकर ग़रारे कर सकते हो और खाने में उपयोग कर सकते हो। आपको इस परेशानी से छुटकारा मिल जाएगा।

11. वात्त , पित्त और कफ को सन्तुलित रखता है

शरीर मे वात्त , पित्त और कफ जब असंतुलित होता है तब काफी बीमारियों का भोग बनना पड़ता है। इन सभी दोषो का निवारण ये नमक है।

12. शरीर मे दर्द को दूर करता है।

काफी सारे लोग को हाथ , पैर और शरीर मे अन्य जगह में दर्द होता रहता है । उन लोगो को इस पहाड़ी नमक का उपयोग करना चाहिए । इस दर्द के निवारण में सहाय करेगा।

13. रक्तचाप को बढाने के लिए उपयोगी है।

14. स्ट्रेस दूर करके मन को आराम देता है।

आज कल की जिंदगी में ज्यादा से ज्यादा लोग चिंता , तनाव और मानसिक डिप्रेशन का शिकार है । मानसिक तकलीफ शरीरिक तकलीफो से भी ज्यादा  परेशानी  करता है । सेंधा नमक का सेवन करने से आप इन मानसिक बीमारियों से आसानी से छुटकारा पा सकते हो ।

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सेंधा नमक के नुकसानsendha namak side effects in hindi

  • आयोडीन की कमी होने के कारण सेंधा नमक थाइरोइड के दर्दी , आयोडीन की कमी वाले दर्दी ओ को सेवन नही करना चाहिए ।
  • सेंधा नमक का सेवन करने से उच्च रक्तचाप बढ़ता है जिससे हाई बीपी  वाले दर्दी को दुविधा हो सकती है ।
  • गर्भवती महिलाओं को इस नमक का सेवन करना नही चाहिए । करना हो तो डॉक्टर की राय लेनी चाहिए ।
  • कई लोगो को इस नमक के सेवन से उल्टी की समस्या होती है । इस प्रकार के लोगो को सेवन नही करना चाहिए ।

FAQ – सेंधा नमक के बारे में  पूछे जाने वाले कुछ प्रश्न  

क्या सेंधा नमक में आयोडीन होता है?

सेंधा नमक में आयोडीन होता तो है पर इसकी मात्रा काफी कम होती है। समुद्री नमक जीतना आयोडिन इस नमक में नही होता है।

सेंधा नमक कहाँ से उत्पन्न होता है और कहां मिल सकता है?

सेंधा नमक पाकिस्तान के पंजाब , सिंध और लाहौर के पहाडियो में उत्पन होता है । खेवड़ा नामक खुदान सबसे बड़ी सेंधा नमक की खुदान मानी जाती है। हिमालय में भी कुछ इसके उत्पादन स्थान है।  ये पहाड़ियों से पत्थर के स्वरूप में मिल जाता है।  बाजार में पत्थर या  पिसा हुआ  जो चाहिए , उस प्रकार का ये नमक मिल जायेगा।

क्या सेंधा नमक नवरात्र में पूजा किया हुआ फल के साथ खाया जा सकता है?

सेंधा नमक को बहुत ही पवित्र मन जाता है। सेंधा नमक एकदम शुध्द होता है और कई प्रकार के मिनरल्स इस में होते है।  नवरात्र के पूजा किया हुआ फल के साथ आप खा सकते हो।

एकादशी में सेंधा नमक खाना चाहिए कि नहीं ?

एकादशी के दौरान आप सेंधा नमक को खा सकते हो।  हिन्दू धर्म के व्रत के दौरान सेंधा नमक खा सकते हे।

मंगलवार के व्रत में सेंधा नमक का सेवन किया जा सकता है या नही ? 

मंगलवार के व्रत  में आप सेंधा नमक का सेवन कर सकते हो। ये नमक बाकि नमक से ज्यादा मिनरल्स वाला होने के कारण  ज्यादा फायदेमंद है।  ये शुद्ध और पवित्र माना जाता है इसलिए खा सकते है।

उपवास में सेंधा नमक का उपयोग क्यों करते है ? सादे नामक का  क्यों नहीं करते ?

सेंधा नमक में किसी प्रकार का कोई मिलावट नही होती है। पहाडियो से लाया जाता है । एकदम पवित्र माना जाता है। व्रत में खाने में इसलिए ही उपयोग होता है।
जबकि सादे नमक में कई मिलावट की जाती है और इस नमक के जैसा शुद्ध नही होता है , इसलिए इसे व्रत में नही खाया जाता है।

आप को पढ़कर ख़ुशी होगी 

 


दोस्तों , कैसा रहा आपको ये लेख पढ़कर ? हमें आशा है की ये सेंधा नमक के बारे में रसप्रद जानकारी आपको पसंद आयी होगी।  आप भी अपने जरूरत के आधार पर इस सेंधव या हैलाईट या पहाड़ी नमक को अपने जीवन में स्थान दे सकते हो। आप को ये लेख उपयोगी लगा हो तो अपने दोस्तों , परिवार के सदस्यों और रिलेटिव्स को शेयर कर सकते हो।

हम आगे भी ऐसे जानकारी से भरे लेख लाने का प्रयत्न करते रहेंगे। आप को लेख कैसा लगा ये हमें कमेंट में जरूर से बताये , हमें ख़ुशी होगी।  हमारी साइट पे आते रहिएगा । धन्यवाद
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