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Spinach in hindi Meaning | पालक और पालक के फायदे जानिए

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Spinach in hindi

Information of Spinach in Hindi : दोस्तो आप हरे रंग के बहुत ही फेमस और भारतीयों के घर मे ज्यादा खाने वाले पालक (spinach) से तो परिचित ही होंगें ।

हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभदायक और गुणवत्तापूर्ण पालक के बारे में हम आपको हिंदी (Spinach in hindi) में सभी प्रकार की जानकारियां देने का प्रयास करेंगे ।

काफी सारे लोग पालक से रिलेटेड जानाकरी लेने के लिए गूगल पर spinach meaning in hindi , पालक के फायदे , what is spinach called in hindi जैसे सवाल को सर्च करते है , फिर भी उन्हें उचित संतोषजनक जवाब नही मिलता।

इसीलिए हम आपको इसी लेख में spinach(पालक) से जुड़ी सभी प्रकार की जानकारि देंगे । तो चलिए शुरू करते है।

विषय सूचि

पालक क्या है ? Spinach in hindi | पालक किसे कहते हैं? | What is spinach in hindi?

पालक एक प्रकार की सब्जी का नाम है जिसका अंग्रेजी नाम spinach है। ये अमरनथेसि कुल का छोड है। पालक की पत्तियां और तने शब्जी के रूप में खाये जाते हैं। पालक याने spinach में खनिज, लवण और विटामिन भरपूर होता हैं। पालक एक हरे रंग की पत्तियां की शब्जी है। जो कि बहुत गुणकारी है ।

पालक मैं बहुत पोषक तत्व है  पानी,एनर्जी, प्रोटीन,कुल लिपिड,कार्बोहाइड्रेट,फाइबर, शुगर इत्यादि।पोषक तत्त्वों से भरपूर पालक(spinach)मैं खूब सारे मिनरल्स भी हैं जैसे की कैल्शियम,आयरन, मैग्नेशियम, फोसफरस ,पोटेशियम, ज़िंक,सोडियम इत्यादि।

What is meaning of spinach in hindi ? What is spinach called in hindi | स्पिनच का हिंदी मीनिंग क्या होता है ?

Spinach  का हिंदी मीनिंग  पालक है जो एक प्रकार की सब्जी है जिसे इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको बताना चाहते है।

पालक के विभिन्न नाम | Some other names of Spinach

पालक पूरे प्रदेश में पाए जाने वाली सब्जी है। इसीलिए पालक को सभी जगहों पर अलग अलग नाम से अपनी भाषा के अनुसार नाम दिया गया है।

  • पालक का गुजराती नाम – पालख
  • पालक का हिंदी नाम – पालक
  • पालक काअंग्रेजी नाम – स्पिनाच(spinach)
  • पालक का संस्कृत नाम – ग्राम्यवल्लभा
  • पालक का बंगाली नाम – पिनीस
  • पालक का तमिल नाम – वसैयिलैकिराई
  • पालक कातलुगु नाम – टुंपा चाली
  • पालक का पंजाबी नाम – बीज पालक
  • पालक का नेपाली नाम – पालुंगो
  • पालक का लेटिन नाम – स्पिनेसिया ओलेरेसिया

इसी प्रकार पालक हर जगह पाई जाने वाली जादुई सब्जी है ।

पालक कितने प्रकार के होते है? Types of Spinach in Hindi

रबी खरीफ और जायद तीनो  मौसम में देश के लगभग सभी हिस्सों में पालक की  खेती होती है । आमतौर पर पालक के प्रकार कुछ इसी तरह है।

सेवोय पालक

सेवोय पालक यानी sevoy spinach गाढ़ हरे रंग के,सिकुड़े पत्ते वाले वाली किस्म की, ब्लूमसडेल नाम की प्रजाति है जो खाने में बहुत ही स्वादिष्ट है।

सेमि सेवोय पालक (semi sevoy)

सेमि सेवोय प्रजाति की किस्म कि पालक के पत्ते सेवोय पालक सेकम सिकुड़े हुए होते है
पौष्टिक गुणों से भरपुर ये प्रजाति की पालक बहुत लोकप्रिय है । इसे आप घरपे भी ऊगा सकते हैं ।

स्मूथ लीफ पालक (smuth leaf )

इस प्रकार की पालक के पत्ते सेवोय और सेमि सेवोय पालक के पत्तो से ज्यादा चौड़ेऔर ज्यादा स्मूथ  होते हैं और आसानी से साफ हो जाती है।

खेती के अनुसार पालक विभिन्न  नस्ल के उगाये जाते है। जिसके हमने निचे कुछ उद्धरण दिए है। 

देसी पालक

इस पालक की पत्तियां सीधी,चिकनी, अंडाकार और सीधी होती है
इसकी दो किस्म है लाल शिरा वाली और हरा शिरा वाली पालक। इसमे हरे शिरा वाली पालक किसानों द्वारा ज्यादा उगाई जाती है।

विलायती पालक

कटीले बीज वाली और गोल बीज वाली पालक को विलायती पालक कहतें है । कटीले बीज वाली पालक की खेती पहाड़ी इलाको में और ठंडे प्रदेशो में की जाती है जबकि गोल बीज वाली पालक की खेती मैदानी क्षेत्रों में की जाती है।

आल ग्रीन

इस पालक की किस्म के पत्ते हरे और मुलायाम होते है। इस पालक का पाक हर 15 या 20 दीन में कटौती के लिए तैयार हो जाता है।इसकी 6 से 7 बार कटाई हो सकती हैं। ये एक ज्यादा उपज देने वाली किस्म है।

पूसा हरित

इस किस्म की पालक पहाड़ी इलाकों में पूरे साल उगाई जा सकती है।पौधे सीधे और पत्तियां गहरे हरे रंग कीऔर बड़ी  होती हैं।

पूसा ज्योति

ये पालक की एक अच्छी प्रजाति है।इसकी पत्तियों ज़्यादा मुलायम ,बिन रेसेदार और रसीली होती है।इसके पौधे ज्यादा बढ़ने बाली किस्म के होते है।

बनर्जी जाइंट

इस किस्म के पत्ते बहुत  बड़े ,मोटे और  मुलायम होते हैं।इस पौधे की  जड़ें और तने भी मुलायम होते हैं।

जोबनेर ग्रीन

इस पालक की जाती के पते एक समान,बड़े,मोटे और मुलायम होते है। इस किस्म की बुवाई क्षारीय भूमि में भी हो सकती हैं।

पालक के क्या क्या गुण होते है ?

पालक में बहुत सारे औषधीय गुण है। आइए इनमें से हम कुछ पालक के औषधीय गुण आपको बताते हैं।

  • बालों का झड़ना – जिन को बालों के झड़ने की परेशानी है उसे पालक के कच्चे पान को  रोज सुबाष खाली पेट चबा कर खाना चाहिए।ऐसा करने से शरीर में विटामिन ए की मात्रा बढ़ जाएगी और बालों का झड़ना बंद हो जाता हैं। बालो के विकास के लिए मिनरल्स की जरुरत होती है और पालक में काफी सारे मीनरल्स होते है । पालक के रस में सरसों का तेल मिला के बालों में लगा कर आधा घंटा तक रखे और इस क्रिया को आप हप्ते में दो बार करें। इससे बालों का विकास होता है
  • पथरी– कोइ इंसान को पथरी की प्रॉब्लम हो तो पालक के पान का ज्यूस पीने से पथरी घुल कर निकल जाती है।
  • तेज दिमाग – पालक की सब्जी खाने से शरीर मे हीमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ जाती हैं और इंसान की याददाश्त में जबरदस्त सुधार आती है। अगर किसी व्यक्ति की याददाश्त कमजोर है तो उसे पालक का सेवन ज़्यादा करना चाहिए।
  • पुरुषों के लिए उत्तम -अगर किसी पुरूष को कमज़ोरी की बीमारी हैं तो पालक के सेवन से इसमे काफी सुधार आता है और व्यक्ति का पारिवारिक जीवन खुशहाल रहता है।
  • सुंदर त्वचा के लिए – पालक के नियमित उपयोग से त्वचा सुंदर और कोमल बनती है अगर किसीकी त्वचा रूखी और बेजान है तो उसे पालक का सेवन किसी ना किसी रूप में ज्यादा से ज्यादा करना चाहिए।आप पालक की पेस्ट को चेहरे पे लगाकर 5 से 6 मिनीट तक रखकर  स्वच्छ पानी से धो डालें।हप्ते में दो या तीन बार ये क्रिया करने से चेहरे की त्वचा में निखार आता है।
  • वृद्धावस्था को कम करने के लिए(एन्टी एजिंग) – सूर्य के युवी किरणों की वजह से एन्टी एजिंग यानी कि त्वचा में ऐज दीखने लगती हैं पालख की पेस्ट में निम्बूरस, शहदऔर जैतून का तेल मिलाकर इस मिश्रण को त्वचा पे लगा कर आधा घंटा रखकर  फिर धो लें ।इस क्रिया को हप्ते में दो बार करें। पालक में मौजूद एमिनोएसीड एंटी एजिंग की समस्या को राहत दे सकता है।
    पालक में बहुत सारे विटामिन्स और मिनरल्स पाए जाते है।

 

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पालक के फायदे – Palak ke fayde Palak khane ke fayde | Spinach benefits in hindi

  1. आँखों के लिए आंखों की समस्याओ के लिये दरअसल हरे रंग की सब्जी के इस्तेमाल की सलाह दी जाती है। जबकि पालक इनमे से एक और प्रमुख है। पालक में मौजूद विटामिन ए और विटामिन सी नेत्ररोग के खतरों को कम कर सकता है। इसके अलावा आंखों के नंबर की समस्या को भी पालक मे मौजूद कुछ तत्वों से राहत मिल सकती हैं।
  2. मोटापा कम करने के लिए पालक एक कम कैलरी वाला खाद्य हैं  इसीलिए वजन घटाने के लिये इसका उपयोग किया जा सकता है।
  3. केंसर के खतरों में पालक एंटीऑक्सीडेंट है । पालक में विटामिन सी और बीटा कैरोटीन मौजूद है जो कि फ्री रेडिकल्स और कार्सिनोजिन (जिससे केंसर हो सकता है )की रोकथाम कर सकता है।
  4. हड्डियों की मजबूती पालख में केल्सियम और विटामीन्स होने के कारण हड्डियों के निर्माण और विकास में मददरूप है।अतः रोज के खुराक में पालक का होना जरूरी है। ये हड्डियों की मजबूती के लिए भी काम करता है।
  5. नर्वस सिस्टम में सुधार – केल्सियम नर्वस सिस्टम को नियमित रूप से चलने में और डेमेजकंट्रोल में मदद करता है। जो कि पालक के उपयोग करने से केल्सियम की आपूर्ति होती है। पालक के सेवन से यादशक्ति भी बढ़ सकती है।
  6. अनीमिया में राहत – आयरन की कमी की वजह ,अनीमिया का कारण है। गर्भावस्था के दरमियान अनीमिया का ज्यादा खतरा रहता है ।पालक में भरपूर आयरन होता है जो आयरन की कमी का पूरा करके अनीमिया के खतरे को कम करने में मददगार होता है।
  7. हाई ब्लड प्रेशर में –पालक में नाइट्रेट की मात्रा होती है जो ब्लडप्रेशर में लाभदायक हो सकती है।पालक रुदय को स्वस्थ रखने में मदद रूप हो सकती है। पालक में पेप्सीन एन्ज़ाइम होती जो हाइब्लड प्रेसर को कंट्रोल कर सकती है।
  8. हार्ट अटैक में कंट्रोल –पालक में रहे नाइट्रेट की वजह से स्ट्रोक और हार्ट अटैक  होने की जोखिम  कम हो सकती है इसीलिए नाइट्रेट से भरपूर पालक का सेवन हररोज करना चाहिए।
  9. रोग प्रतिरोधक क्षमता(इम्युनिटी) – निरोगी रहने के लिए इम्युनिटी मजबूत बने रहना जरूरी है। पालक में रहे भरपूर विटामिन इ पोषक तत्व इम्युनिटी बढ़ाने का काम कर सकता  है। इसीलिए रोग प्रतिरोधक बने रहने के लिए पालक का सेवन करना जरूरी है।
  10. पाचन क्षमता बढ़ती है – पालक पानी और फाइबर से भरपूर है जो भोजन को पचाने में मददगार है,और साथ ही फाइबर पाचनतंत्र को  सुधारने का और केंसर से बचाव का  कार्य कर सकता है। पालक के उपयोग से कब्ज की परेशानी कम हो सकती है।
  11. मासपेशियों की मजबूती – पालक में होने वाली आयरन की मात्रा की वजह मासपेशियों की मजबूती के कारण हो सकती है ऐसा वैज्ञानिकों का मानना है। इसीलिए मांसपेशियों को स्वस्थ रखने के लिए पालक का सेवन जरूरी है।
  12. गर्भावस्था के दौरान – गर्भावस्था के दौरान पोषक आहार लेना जरूरी  रहता है औऱ पोषक तत्त्व की सूची में पालक को शामिल किया जा सकता है। पालक में रहे फोलेट पोषक तत्त्व गर्भावस्था के दौरान होने वाला जन्मदोष के खतरों को कम कर सकता है और फोलेट की आपूर्ति के लिए पालक का सेवन आवश्यक है।
  13. शारीरिक आराम के लिए – केल्सियम  तत्व शरीर की मांसपेशियों को आराम पहुचाता है जो कि पालक में उपलब्ध है। इसीलिए पालक खाने से या पालक का ज्यूस पीने से दिन भर की थकान दूर हो सकती है । तो जब थकावट महसूस करें तो पालक का  सेवन अवश्य करें।

benefits of Spinach in hindi

पालक खाने के असंख्य फायदे है फिर भी ज्यादा पालक खाना हानिकारक भी हो शकता है तो आइए अब हम देखते हैं कि पालक किसे खाना नही चाहिए या पालक खाने से क्या नुक्सान होता है।

पालक के नुकसान – ज्यादा पालक खाने के क्या क्या नुकसान हो सकते हैं? Side Effects of Spinach in Hindi

  1. पालख के अधिक सेवन से शरीर मे केल्सियम की मात्रा बढ़ जाती हैं इससे  रुदय रोग का ख़तरा बढ़ सकता है।
  2. अगर आप धूम्रपान करते हो तो पालक का उपयोग आपको कम करना चाहिए क्योंकि पालख में मौजूद बीटा कैरोटीन केंसर का कारण बन सकता है।
  3. अगर आपको किडनी संबंधित रोग है तो आपको पालक से परहेज रखनी चाहिये। पालक में प्यूरीन की मात्रा किडनी स्टोन को बढ़ावा दे सकती है।
  4. पालक में ऑक्सओलिक एसिड होता है जो शरीर मे मिनरल्स की कमी के लिए जवाबदार है इसीलिए पालक का ज्यादा सेवन से शरीर मे खनिज की कमी की वजह से बीमारिया आती है
  5. पालक के अधिक सेवन से गैस होती है और साथ मे ज्यादा फाइबर वाले पदार्थ लिए जाए तो पेट दर्द और लुज मोशन हो सकती है।
  6. पालक के ज्यादा उपयोग से शरीर मे प्यूरीन की मात्रा बढ़ती है जिससे  गठिया का रोग हो सकता है।
  7. अगर आपको  हाई कोलेस्ट्रॉल है तो आप पालक का सेवन करने से पहले डोक्टर की सलाह अवश्य लें।

हालांकि ये सुपरफूड हैं ।थोड़ी सावधानी के साथ इसका उपयोग करें। इसके उपयोग करने से पहले उसको अच्छी तरह  साफ करे ।

पालक खाने का समय और पालक खाने की मात्रा

पालक को सब्जी के रुप मे खाने या ज्यूस बना कर या सलाड के रूप में लिया जा सकता है।
पालक का रस सुबह को पीना चाहिए। दिन में पालक को सब्जी और सलाद के रूप में ले सकते हैं। पालक के पकोड़े बनाकर खा सकते हैं।  रात के समय पालक की भाजी या किसि सब्जी में मिक्ष करके भी उपयोग में ले सकते हैं। पालक की सही मात्रा के लिए एक बार आहार विशेषज्ञ की सलाह जरूर लेनी चाहिए।  हालांकि एक दिन में एक या डेढ़ कप उबला  हुआ या  हरा पालक ले सकते हैं।

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पालक से जुड़े  चर्चित प्रश्न FAQ – Palak in Hindi 

1.पालक कच्ची खाई जा सकती है?

पालक कच्ची अवश्य खाई जा सकती है।कच्ची पालक आपके आहार के लिए एक स्वस्थ विकल्प हो सकता है।

2.पालक को  अंग्रेजी में क्या कहते हैं?

पालक को अंग्रेजी में स्पिनाच(spinach) कहते है।

3.बॉडीबिल्डर पालक को क्यों पसंद करते हैं?

पालक में प्रोटीन, आयरन, औऱ कार्बोहाइड्रेट जैसे पोषक तत्व होते है जो मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करते है । पालक में भरपूर केल्सियम भी पाई जाती  है जो हड्डियों को मजबूती प्रदान करती है इसीलिए बॉडी बिल्डर पालक को ज्यादा पसंद करते हैं।

4.पालक के रस के क्या फायदे होते हैं?

पालक में लगभग सभी पोषक तत्त्व पाए जाते है ।पालक के रस में भरपूर विटामिन्स होते हैं जैसे कि विटामिन ए ,सी ,इ ,के ,बी कॉम्पलेक्स। इसके सिवा मेंगेनीज़, केरोटीन,आयरन, आयोडीन, केल्सियम,मैग्नेशियम,पोटासियम, फॉस्फोरस,सोडियम और एमिनो एसिड भी उपयुक्त मात्रा में पाए जाते हैं।शारिरिक विकास के लिए जरूरी सभी पोषक तत्वों को अच्छी तरह से पाने के लिए पालक के रस का ज्यूस पीना बहुत फायदेमंद है।

5.पालक किस महीने में उगाई जाती है?

पालक वैसे तो पूरा सालभर ऊगा सकते हैं,जब कि ठंड कि मौसम में इसका पाक अच्छा होता है । तो ज्यादातर पालक वसंत ऋतु की शुरुआत में या पतझड़ की अंत मे लगाना शुरू होता हैं।

6.पार्सले और पालक में क्या अंतर है?

पार्सले सब्जियों या सुप सलाद में गार्निश के लिए उपयोग करते है और पालक एक खुद सब्जी के रूप में उपयोग होता है ।

7. What is Spinach called in hindi ?

स्पिनच को हिंदी में पालक कहा जाता है।

 

निष्कर्ष:

हमें आशा है कि आपको हमारा (spinach) पालक से जुड़ा यह लेख पसंद आया होगा। आपको अपने मन के कुछ टॉपिक जैसे कि Spinach in hindi , spinach meaning in hindi , spinach benefits in hindi के संतोषजनक जवाब मिलें होंगे।

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हमारी साइट पे ऐसे ही ज्ञानवर्धक लेख पढ़ने के लिए आते रहिएगा। हमारी साइट पे आने के लिए धन्यवाद।

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