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【Vivo】कहा कि कंपनी है ?》सरल भाषा में इतिहास जाने

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vivo kaha ki company hai

हेलो दोस्तो , आपने टीवी पे या किसी दुकान के होर्डिंग्स पे vivo कंपनी की एड देखी ही हॉगी। आप खुद या आपके कई दोस्त ऐसे होंगे जिनके पास vivo का फ़ोन होगा।

अभी के समय मे हमारे इंडिया में vivo के मोबाइल का दुनिया में बड़े शान से नाम लिया जाता है। कई लोग अक्सर पूछा करते है जैसे कि

Vivo कहा कि कंपनी है ? किस देश की है ?

Vivo कंपनी का मालिक कोन है?

Vivo कंपनी का इतिहास क्या है ?

मित्रो , तो आपको जानकर यह खुसी होंगी की आज हम इसी विषय पर विस्तार पूर्वक रसप्रद तरीके से चर्चा करने वाले है।

Vivo कंपनी ने भारत मे बहुत ही टूंक समय में अपना नाम कमा लिया है। आज बहुत से लोगो के पास vivo का ही स्मार्टफोन है।

भारत मे vivo के बहेतरीन मार्केटिंग के तरीके के कारण वीवो बाकी पुरानी फ़ोन कंपनियों से काफी आगे बढ़ चुकी है।

आपको यह जानना है कि वीवो कहा कि कंपनी है? तो हमने इसी विषय पर नीचे जवाब दिया है। तो तैयार हो जाइए इस फेमस कंपनी के बारे में जानने के लिए।

Vivo कहा कि कंपनी है ? Vivo कीस देश की कंपनी है ?

Vivo चीन की कंपनी है। वीवो कंपनी का मुख्य कार्यालय चीन के डोंगगुआंन (Dongguan, Guangdong, China ) में स्थित है।

चीन की सुप्रसिद्ध कम्पनी बी बी के इलेक्ट्रॉनिक ने 2009 में अपनी एक शाखा के रूप में इस कंपनी को प्रस्थापित किया था।

बीबीके इलेक्ट्रॉनिक ओप्पो , रियल मी और वन प्लस कंपनी की पैरंट कंपनी है। इसी कंपनी ने वीवो की स्थापना की हुई है।

दोस्तो , अगर आप यह सोच रहे थे कि वीवो कंपनी भारतीय है तो आपका यह विचार गलत है। आपने पढ़ा ही होगा उपर की यह कंपनी चीनी कंपनी ही है।

वीवो बहुत ही मशहूर स्मार्टफोन निर्माता कंपनी है। साथ मे यह कंपनी सॉफ्टवेयर , ऑनलाइन काम और अपना ऑपरेटिंग सिस्टम भी बनाती है।

इस कंपनी के अप्प और सॉफ्टवेयर को वीवो स्टोर के माध्यम से बेचा जाता है। जिसको लोगो ने बहुत ही पसंद किया है। काफी लोग इसी स्टोर से ही अप्प लेना पसंद करते है।

Vivo कंपनी ने देखते ही देखते भारत के मोबाइल सेक्टर में धूम मचा ली। इन्होंने एक से एक जबरदस्त मॉर्केटिंग तरीके अपनाए जिनके कारण इनकी कंपनी बहुत ही आगे बढ़ी।

यह कंपनी अपने आधुनिक टेक्नोलॉजी , शानदार वेरायटी केमेरा , अलग डिज़ाइन और सस्ते दाम की वजह से , लोगो के दिल मे स्थान प्राप्त कर लिया है।

वीवो कंपनी के बारे में आपको यह पता है कि इस का मालिक कोन है ? हमने नीचे यह प्रश्न का उत्तर दिया है ।आगे पढ़ते रहिये।

Vivo कंपनी का मालिक कोन है?

Vivo कंपनी के मालिक शेन वेई है।

Vivo कंपनी को 2009 में शेन वेई ने बी बी के इलेक्ट्रॉनिक के शाखा के रूप में स्थापना कि थी।

इस कंपनी को बनाने का उद्देश्य स्मार्टफोन , सॉफ्टवेयर , apps डेवेलपमेंट का था। वीवो ने अपने फ़ोन में भी खुद की ऑपरेटिंग सिस्टम बनाई हुई है।

शुरू के समय में यह कंपनी मात्र स्मार्टफोन का ही उत्पादन किया करती थी। बाद में इस कंपनी ने साथ मे इयरफोन , हेडफोन , सॉफ्टवेयर और ऑनलाइन सेवाओ का काम शुरू कर दिया।

देखते देखते इस कंपनी ने काफी उँचाई या छू ली। अभी के समय मे इंडिया की टॉप फ़ोन की कंपनी में इस कंपनी का नाम शामिल हो चुका है।

Vivo कंपनी का इतिहास क्या है ?

बीबीके कंपनी जो रियल मी , ओप्पो और वन प्लस कंपनी की पैरंट कंपनी है। इस कंपनी ने 2009 में इसकी शाखा के रूप में वीवो की स्थापना की।

उस वक्त वीवो कंपनी का ध्येय स्मार्टफोन , ऑपरेटिंग सिस्टम , सॉफ्टवेयर और ऑनलाइन सेवा हेतु का था। यह कंपनी अपने धेय्य की और बढ़ने लगी।

Vivo की अथाग मेहनत , जबरदस्त मॉर्केटिंग और नई टेक्नोलॉजी के कारण इस कंपनी ने 2015 में ही विश्व के टॉप 10 मोबाइल कंपनियों में स्थान ग्रहण कर लिया।

वीवो ने अपने कार्य को चीन के बाहर दूसरे देशो में भी आगे बढ़ाया। वीवो के स्मार्टफोन वैश्विक बाजारों में भी बिकने लगे।

वीवो ने 2014 में सर्वप्रथम थाईलैंड के मार्किट में आजमाया। उसके सफलता के पश्चात वीवो ने भारत , इंडोनेशिया , मलेशिया , फिलिपाइंस और बाकी बहोत से देशों में अपने स्मार्टफोन बेचने शुरू किए।

वीवो ने अपनी मॉर्केटिंग के लिए भारत मे 2015 आईपीएल में टाइटल स्पॉन्सर बनी । उसके तहत वीवो का बहुत ही मॉर्केटिंग हुआ।

पर बाद में भारत और चाइना के चल रहे कुछ खटाराव के कारण क्रिकेट के बोर्ड ने वीवो की स्पॉन्सरशिप को सस्पेंड कर दिया था।

वीवो ने बाद में इंटर्नशनल जगत में फीफा वर्ल्डकप 2017 में स्पोर्न्सरशिप दी थी। जिसके तहत वीवो की इंटर्नशनल मार्किट में खूब प्रमोशन हुआ।

वीवो ने बाद में इंडिया में चल रही प्रो कब्बड्डी में भी अपनी टाइटल स्पोर्न्सरशिप दी थी।

Vivo कंपनी का विवाद

  • वीवो कंपनी भारत मे विवाद का कारण भी बन चुकी है।
  • वीवो कंपनी के 13,500 स्मार्टफोन के अंदर सेम IMEI नंबर पाया गया था।
  • IMEI नम्बर फ़ोन खो गया हो या चोरी हो गया हो तो ट्रैक करने के लिए पुलिस के उपयोग में लिया जाता है।
  • इसलिए वीवो के 13,500 मोबाइल के अंदर सेम IMEI नंबर होने के कारण बड़ी प्रॉब्लम खड़ी हो गयी थी।
  • इस के कारण वीवो इंडिया के नोडल अधिकारी हरमन जीत सिंह को नोटिस सोपा गया था और धारा 420 के तहत मामला भी दर्ज किया गया था।

vivo kis desh ki company hai


कुछ ज्ञानवर्धक लेख :


निष्कर्ष:

दोस्तो हमें आशा है कि वीवो से जुड़ा यह ज्ञानवर्धक और रसप्रद लेख आपको पसंद आया होगा।

आपके कई सारे सवाल जैसे कि Vivo कहा कि कंपनी है ? किस देश की है ? मालिक कोन है? इतिहास क्या है ? इस का जवाब संतोषजनक मिल गया होगा।

हमारा यह लेख आपको पसन्द आया हो तो अपने दोस्तो , रिस्तेदारों को जरूर शेयर करे। इससे हमें प्रोत्साहन मिलेगा।

हमारी साइट पे आने के लिए धन्यवाद । आगे ऐसे रसप्रद और ज्ञानवर्धक लेख पढ़ने आते रहिएगा।

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