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【Water Pollution】Essay in Hindi – जलप्रदूषण क्या है ? कारण

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water pollution in hindi

Water Pollution Essay in Hindi ( जल प्रदूषण पर निबंध ) –  दोस्तो , पर्यावरणीय प्रदूषण एक बड़ी समस्या बन चुकी है। काफी सारे लोग जाने अनजाने में प्रदूषण बढ़ाने में सहभागि बन जाते है।

प्रदूषण के प्रकारों में से एक प्रकार Water Pollution( जल प्रदूषण ) एक गंभीर समस्या बन चुकी है। धीरे धीरे यह छोटी समस्या बड़ी समस्या में तब्दील होती जा रही है।

ऐसे हालात में काफी सारे लोग सही समझ न होने के कारण अंजाने में ही Water Pollution( जल प्रदूषण ) के सहभागि बन जाते है। ऐसे लोगो को सही समझ होनी चाहिए।

कई लोगो को Water Pollution( जल प्रदूषण ) के बारे में जानने की रुचि रहती है। ऐसे लोगो के मन में कई सवाल रहते है जैसे कि

जल प्रदूषण क्या है ? – What is Water Pollution in hindi ?

जल प्रदूषण के कारण – Causes of Water Pollution in Hindi Language

प्रदूषणों के दुष्परिणाम क्या है ?

प्रदूषण को रोकने के उपाय क्या है ?

तो दोस्तो आज के विषय मे हम इसी टॉपिक Water Pollution Essay in Hindi ( जल प्रदूषण पर निबंध ) पे विस्तार से रसप्रद चर्चा करने वाले है।

आज का लेख पढ़ने के बाद आपको जल प्रदूषण से जुड़ी सभी प्रकार की जानकारी मिल जाएगी। बस हमारे साथ बने रहियेगा।

आप भी ध्यान से पढ़ना और जल प्रदूषण को समजने की कोशिश कीजिये गा।

जल प्रदूषण किसे कहते है ? Jal Pradushan Kya Hai ? What is Water Pollution in Hindi

प्राकृतिक रुप से शुध्ध जल मैं अशुध्दियों के मिलने से जल अशुद्ध होता है पानी पीने लायक या अन्य उपयोग या कृषि करने लायक नही रहता है इसे जलप्रदुषण कहते है।

जैसे जैसे मानव विकास बढता गयाः औद्योगिक विकास हुआ और साथ में जल प्रदूषण बढता ही गया..आज जलप्रदूषण वैश्विक समश्या बन चुका है।

आइये देखते है..

जल प्रदूषण कैसे होता है ? जल प्रदूषण के कारण – Causes of Water Pollution in Hindi Language

जल प्रदूषण अनेक प्रकार से होता है

#1. औद्योगिक इकाइयों मे से अपशिष्ट पदार्थ को नदियों में बहाया जाता है.. जैसे गँगा हुबली या ब्रह्मपुत्र नदी के आसपास मैं  कइ चर्म ..लोह..रंग उद्योगों मैं से दुषीत पानी   छोडा जाता हैऔर   बहुत जलप्रदूषण होता है ये मानव सर्जित सबसे अधिक खतरनाक जलप्रदूषण है

#2. नदी तालाबों में नहाने कपड़े धोने या मानव पशुओं के मलमूत्रादि से जल प्रदूषण होता है

#3. समुद्र में परमाणु परीक्षण करने से परमाणु विकिरणों से भयानक रूप से जल संतुलन बिगड़ जाता हैं और। बहुत जल प्रदूषण होता है

#4. भूमिगत जलप्रदूषण तब। होताहै जब पानी का स्तर बहुत नीचे चला जाता है और पानी मे नीचे के रसायन घुल जाते है जैसे फ्लोराइड कार्बाइड या आर्सेनिक इत्यादि। और यही प्रदूषित पानी जब सिंचाई के लिए या पानी पीने में उपयोग होता है

#5. औद्योगिक इकाइयों मैं जो अवशिष्ट भूमि पर छोड़ा जाता है उसमें बारिश का पानी बहने से भयानक सडन होता है और पानी बहके जहा जाता है प्रदूषण फैलाता है

#6. खनीज तेल के परिवहन( खासकर समुद्र में) करते समय जो रिसाव होता है.जो समुद्री जल को प्रदूषित करता है और समुद्री जीवों को भारी मात्रा में नुकसान पहुचाता है समुद्र मैं तेल सतह पर रहता है तो पानी मे ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है जिससे समुद्रीय वनस्पति नष्ट हो जाती है।

#7. रासायनिक उर्वरकों बनाने की फैक्ट्रिज़ में से निकलतें अवशिष्ट को पानी मे बहाया  जाता है और जलप्रदूषण होता है   उर्वरकों के ज्यादा उपयोग से उसका जमीन में रिसाव होता है या बारिस के पानी मे बहके नदी तालाबो में जाता है और पोटाशियम गंधक सल्फर जैसे विषेले पदार्थ जल के साथ घूल कर इसे बहुत प्रदूषित करते हैं ।

#8. शहर या गांव में खुली गटरों का पानी जब किसी नदी तालाब या ऐसे जमीन पर छोडा जाता है तो वो जलप्रदूषण करता है ।

#9. चर्मउद्योग  ,रंग की फैक्ट्री ,सीमेंट की फैक्ट्री  अणुविद्युत भठ्ठियों ,न्यूक्लियर भठ्ठियों इत्यादि इकाइयों में से निकलते अवशिष्टो को पानी मे बहाने से या खुल्ले छोड़ने से भयानक जलप्रदूषण होता है।

#10. सल्फर ,नाइट्रिक एसिड जैसे रसायन की मात्रा बढ़ाने से एसिड वर्षा होती है । ये पानी को अम्लीय बनाती है औऱ पशुप्राणी वनस्पति को हानि पहोचाती है

जलप्रदूषण के दुष्परिणाम-

जल मानव जीवन का मूल आधार है । कितनी भी विकास कर लो  जल के बिना मानव जीवन संभव ही नही है । अतः जल का होना और शुद्ध होना बहुत जरूरी है।

ये जल प्रदूषित होने से बहोत सारी समस्याये होती है । रोग होते है

  • #1. प्रदूषित जल पीने से हैजा टाइफाइड उल्टी दस्त पीलिया  जैसी भयानक बीमारिया होती है। पेट की बीमारियों होती है
  • #2. प्रदूषित पानी मे कई प्रकार के लवण घुले रहते है इन लवणों की एक सीमित मात्रा से ज्यादा बढ़ने से बहुत बीमारियां बढती हैं फ्लोराईड की मात्रा बढ़ने से दांत और हड्डियों कमजोर होती हैं
  • #3. आर्सेनिक ओर फेरस ओक्साइड जैसे लवण की अधिक मात्रा पानी में होने से पेट और आंते क़े रोग होते है ।इससे लकवा भी मार सकता है
  • #4. यह फेफड़ों की बीमारी का प्रमुख कारण हो सकता है।
  • #5. सीसे की अधिक मात्रा पेयजल में होने रदय की यकृत की बीमारी हो सकती है। ये मस्तिष्क की कोशिकाओं के लिये खतरनाक साबित हो सकता है
  • #6. भूमिगत प्रदूषित जल  जो बहोत नीचे से सिंचाई और पीने के लिए लिया जाता है इसमें लोह और मेंगेनीज़  लेड जैसी भारी धातु के अणु मीले होते हैं जिससे अस्थिया कमज़ोर हो सकती हैं, बाल गिरने या सफेद हो जाते हैं,दांत पड़ जाते हैं ।
  • #7. ऐसी कई बीमारियां प्रदूषित जल से होती है। परमाणु विकिरण युक्त पानी से कई अनुवांशिक बीमारियां कायम होती हैऔर नए रोग उत्पन्न होते है
  • #8. प्रदूषण युकत जल पीने से पशुओं  भी न जाने कितनी बीमारियों के भोग बनते हैं  दूध कम होता है कई पशु पक्षियों की जाती तक नष्ट हो जाती है

जल प्रदूषण कम करने के उपाय-प्रदूषण को रोकने के उपाय

 मित्रों

 जल प्रदूषण का रोकथाम हमारे लिए अत्यंत आवश्यक है। हमे जलप्रदूषण कम करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए

  1. हरेक स्टेट या देश में प्रदूषण नियंत्रक बोर्ड होता है उसको जलप्रदूषण को लेकर काफी गम्भीरता से कानून लागू करके सख्ती से कानून का पालन करना चाहिए
  2. मुख्य रूप से जलप्रदूषण करने वाले औद्योगिक इकाइयों में से निकलने वाली अपशिष्ट पदार्थों के ऑक्सीडेसन करके उसको खास रूप से नष्ट या रिसाइकल करना चाहिए।
  3. उधोगो को प्रदूषण कम करने के लिए नई नई आधुनिक  टेक्नोलॉजी का उपयोग करना चाहिए
  4. आर्सेनिक, फेरस ऑक्सीड या कार्बनिक  लेड जैसे घातक रसायनों के अवशिष्ट सही ढंग से  विघटन करना चाहिए ताकि ये कम से कम प्रदूषण फैला शके  और ये अधिक मात्रा में उत्सर्जित न हो ऐसा करना चाहिए
  5. गांव या शहरमें गटरों का पानी नदी तालाबों में छोड़ने के बजाय सुएज ट्रीटमेंट प्लांट में शुध्धिकरण करके पुनः उपयोग में लेना चाहिए
  6. परमाणु परीक्षण को गंभीरता से लेते हुए वैश्विक लेवल पर सख्त कानून बनाकर पूरी प्रतिबद्धता से उसका पालन कराना चाहिए
  7. खाद्य सामग्री बनाने वाले उद्योग के अपशिष्ट को इसके मूल तत्वों को बनाये रखते हुए  मछलीपालन और सिंचाई में उपयोग करना चाहिए
  8. रासायनिक उर्वरकों के उपयोग को कम करके जैव उर्वरको के उपयोग को बढ़ावा देना चाहिए
  9. तेलीय अपशिष्ट को पशुखाद्य में परिवर्तित करना चाहिए
  10. विभिन्न वैज्ञानिक संस्थाओ द्वारा जलप्रदूषण रोकने की या कम करने की नई तकनीकों को खोजते रहना चाहिए
  11. आम जनता मैं जलप्रदूषण के प्रति जागरूकता और उसके दुष्परिणामों के बारे में जानकारी देनी चाहिए ।

pradushan rokne ke upay


यह लेख आपको प्रदूषण के बारे में  समझने में और सहाय करेंगे। 


दोस्तो , हमें उम्मीद है कि आपको यह लेख पसंद आया होगा।आशा है आपको हमारा यह लेख पढ़ने के बाद कुछ सवाल जैसे कि

जल प्रदूषण क्या है ? – What is Water Pollution in hindi ?

जल प्रदूषण के कारण – Causes of Water Pollution in Hindi Language

प्रदूषणों के दुष्परिणाम क्या है ?

प्रदूषण को रोकने के उपाय क्या है ?

यह लेख Water Pollution Essay in Hindi ( जल प्रदूषण पर निबंध ) के जवाब मिल ही गए होंगे।

आपको हमारा लेख रसप्रद और ज्ञानवर्धक लगा हो तो जरूर से हमारे लेख को अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ शेयर करे।

हमारी साइट पे आते रहियेगा । आपका धन्यवाद।

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